चाईबासा, (सुधीर पांडेय)। पश्चिम सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए जिला प्रशासन 81 चिकित्सा कर्मियों की बहाली करने की तैयारी कर रहा है। सभी चिकित्सकों को जिला प्रशासन डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) कोष से वेतन का भुगतान करेगा। ये सभी अनुबंध पर बहाल किए जाएंगे। जिला मुख्यालय चाईबासा के सदर अस्पताल, चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल, जगन्नाथपुर सीएचसी व मनोहरपुर रेफरल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक रखे जाएंगे। वहीं, अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरत के अनुसार मेडिकल अफसर की बहाली की जाएगी। उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन समेत 7 सदस्यीय कमेटी बहाली की प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। ग्रामीणों में बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने का काम एकम नामक संस्था को दिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की घोर कमी को देखते हुए जिला प्रशासन ने चिकित्सकों की बहाली करने की योजना बना रहा है। चिकित्सकों को जरूरत के अनुसार जिले के अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। चिकित्सकों को वेतनादि डीएमएफटी से भुगतान किया जायेगा। इसको लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। बहुत जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

फरवरी 2019 में 33 चिकित्सक हुए थे अनुबंध पर बहाल, अभी केवल 4 कर रहे काम

यहां बता दें कि जिला प्रशासन की ओर से फरवरी 2019 में भी डीएमएफटी से 33 चिकित्सक बहाल किए गए थे मगर ज्यादा दिन उन्होंने अपनी सेवा नहीं दी। धीरे-धीरे अधिकतर चिकित्सक अनुबंध समाप्त कर दूसरी जगह चले गए। वर्तमान में तीन विशेषज्ञ चिकित्सक व एक मेडिकल अफसर ही काम कर रहे हैं। इसके अलावा आठ चिकित्साकर्मी डीएमएफटी व एनएचएम के तहत बहाल किए गए हैं।

चिकित्सकों की कमी से प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाएं

पश्चिमी सिंहभूम जिला में सभी सरकारी अस्पतालों को मिलाकर वर्तमान में केवल 74 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। अस्पतालों में स्वीकृत पदों की संख्या 215 है। इस हिसाब से जिले में चिकित्सकों के 141 पद रिक्त हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डा. बुका उरांव ने बताया कि हम लोगों ने चिकित्सकों की कमी के संबंध में छह जून 2022 को ही सरकार को पत्र लिखा है। सरकार ने रिक्त पदों के सापेक्ष चिकित्सकों को बहाल करने की मांग की गयी है। पर्याप्त संख्या में चिकित्सक नहीं रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी असर पड़ रहा है। चिकित्सकों पर मरीजों को देखने का काफी भार है।

सदर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों का टोटा

सदर अस्पताल चाईबासा में में विशेषज्ञ चिकित्सकों की घोर कमी है। सदर अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ, फिजिशियन, गायनाक्लोजिस्ट, आर्थोपैडिक, साइकेट्रिस्ट, ईएनटी, पैथोलाजिस्ट, स्किन स्पेशलिस्ट, डेंटल अफसर, फारेंसिक आदि का पद काफी समय से रिक्त पड़ा है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं रहने के कारण मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। मेडिकल अफसर के 13 पद हैं। उसमें से 6 पद खाली पड़े हैं।

Edited By: Madhukar Kumar