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HartalikaTeej: पिया के नाम रची मेहंदी से महके जमशेदपुर के बाजार, आज सुहागिनें रखेंगी 24 घंटे का निर्जला व्रत

Published: Sun, 13 Sep 2026 09:14 PM (IST)

जमशेदपुर में अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए हरतालिका तीज का महापर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा ...और पढ़ें

जमशेदपुर में ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी कलाकारों के पास भी भारी व्यस्तता देखी गई।

जमशेदपुर में ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी कलाकारों के पास भी भारी व्यस्तता देखी गई।

HighLights

  1. जमशेदपुर में हरतालिका तीज का महापर्व पारंपरिक उत्साह से।

  2. प्रदोष काल में शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना।

जासं, जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर में अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु का महापर्व Hartalika Teej पूरे पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 
 
हथेलियों पर रचती मेहंदी, हरी चूड़ियों की खनक और बाजारों में छाई रौनक के बीच सुहागिनों ने इस कठिन व्रत की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
 
भाद्रपद शुक्ल तृतीया (सोमवार) को महिलाएं 24 घंटे का कठोर निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती से अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी।
 

बाजारों में उमड़ा सुहाग का उल्लास 

तीज की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में खरीदारी के लिए महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, मानगो, सोनारी, कदमा, बारीडीह और गोविंदपुर के बाजारों में तिल रखने की जगह नहीं बची। 
 
सुहाग पिटारी, हरी चूड़ियों, बनारसी-कांजीवरम साड़ियों और पारंपरिक आभूषणों की दुकानों पर देर रात तक सुहागिनों की भीड़ लगी रही। ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी कलाकारों के पास भी आधी रात तक भारी व्यस्तता देखी गई।


खरीदारी करने पहुंची रश्मि सिन्हा और अंकिता पाठक ने बताया कि यह पर्व केवल एक उपवास नहीं, बल्कि जीवनसाथी के प्रति अगाध समर्पण, विश्वास और सोलह श्रृंगार का सबसे पावन उत्सव है। सालभर सुहागिनों को इस दिन का इंतजार रहता है।

प्रदोष काल में होगा शिव-पार्वती का पूजन 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए जंगल में त्याग और तपस्या का यह कठिन मार्ग चुना था। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए व्रती महिलाएं पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करेंगी।

शाम को प्रदोष काल के दौरान शुद्ध मिट्टी और बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी की प्रतिमाएं बनाकर विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। 
 
महिलाएं बारीडीह, कदमा और सोनारी सहित शहरभर के मंदिरों और घरों में एकत्र होकर सामूहिक रूप से हरतालिका तीज की व्रत कथा सुनेंगी।
 

रातभर जागरण के बाद मंगलवार को पारण 

श्रद्धालु वंदना झा के अनुसार, इस अनुष्ठान के दौरान रातभर जागकर चारों प्रहर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष आरती व पूजा-अर्चना की जाएगी।

अगले दिन यानी मंगलवार सुबह विधि-विधान से पारण और दान-पुण्य के साथ इस 24 घंटे के महाअनुष्ठान की पूर्णाहूति होगी।