जमशेदपुर, जसं।  झारखंड स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख डॉ. जोगेंद्र प्रसाद सांगा द्वारा जारी किए गए पत्र से पूर्वी सिंहभूम जिले में हड़कंप मच गया है। उनके द्वारा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहनेवाले चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपने मंतव्य के साथ अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को यथाशीघ्र प्रतिवेदित करें। इस आकस्मिक स्थिति में कार्य से अनुपस्थित रहना दंडनीय होगा। 

पत्र में कहा गया है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में करीब आधा दर्जन चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मचारी के बिना सूचना दिए ही गायब होने की बात सामने आ रही है, जो इस परिस्थित में गंभीर बात है। उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस माहामारी में अगर कोई नौकरी भी छोड़ता है तो वह गंभीर विषय है। निदेशक प्रमुख द्वारा कोरोना वायरस के संभावित प्रसार को रोकने तथा प्रबंधन के निमित्त सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सातों दिन 24 घंटे कार्यशील रखे जाने का निदेश दिया गया था। इसके लिए रोस्टर ड्यूटी से अनुपस्थित रहनेवाले डॉक्टर, कर्मियों एवं चिकित्सा पदाधिकारियों के बारे में प्रतिवेदित करने का निदेश दिया गया था। इस संबंध में लातेहार, गिरीडीह, सिमडेगा, सरायकेला-खरसांवा, चाईबासा आद जिलों से सूचना प्राप्त है।

कोरोना के 50 संदिग्ध मरीजों की जांच शुरू

जिले में कोरोना के संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज स्थित वायरोलॉजी लैब में 50 संदिग्ध मरीजों की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। देर शाम तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उसके बाद ही कोरोना मरीजों की संख्या का पचा चल सकेगा।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस