जासं, जमशेदपुर : 13 माह के बाद गुरुमुख सिंह मुखे को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का दोबारा प्रधान पद की जिम्मेदारी दी गई है। रविवार शाम साकची स्थित कार्यालय में कार्यवाहक प्रधान महेंद्र सिंह ने मुखे को सिरोपा देकर प्रधान पद की जिम्मेदारी सौंपी।

झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बिल्ला की शिकायत पर मुखे के खिलाफ हत्या की साजिश रचने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद वे जेल गए थे। फिलहाल वह बेल पर हैं। ऐसे में सीजीपीसी ने नामदा बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान महेंद्र सिंह को कार्यवाहक प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन जेल से वापस आने के बाद सीजीपीसी की चुनाव कमेटी के समक्ष मुखे ने जेल भेजे जाने के संबंध में अपना पक्ष रखा। जिसके बाद सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यसमिति ने 13 माह बाद उन्हें प्रधान पद की जिम्मेदारी सौपी गई। इस मौके पर सरदार महेंद्र सिंह, चेयरमैन सरदार तरसेम सिंह सेमे, चुनाव समन्वयक दलजीत सिंह दल्ली ने शॉल एवं सरोपा देकर गुरमुख सिंह मुखे को कार्यभार सौंपा गया।

इस मौके पर तारा सिंह, सुखविदर सिंह, जसवीर सिंह पदरी, मनजीत सिंह गिल, दलजीत सिंह बिल्ला, दलबीर सिंह, गुरदीप सिंह काके सहित अन्य उपस्थित थे। 13 माह कार्यकारी प्रधान की जिम्मेदारी निभाने के लिए सरदार महेंद्र सिंह को भी सम्मानित किया गया।

सदगुरु की कृपा अपार है : जत्थेदार

सिखों के पांच प्रमुखतत्व में शुमार एवं सिख पंथ की जननी भूमि तखत श्री हरमंदिर साहिब पटना के जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर रविवार को बर्मामाइंस गुरुद्वारा पहुंचे।

उन्होंने संगत के दर्शन करते हुए कहा कि शहर पर सदगुरु की अपार कृपा है। यहां सिखी प्रफुल्लित हुई है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि बर्मामाइंस गुरुद्वारा में काफी सराहनीय कार्य हुए हैं और प्रबंधन कमेटी ने संगत को जोड़ रखा है।

इस मौके पर तख्त श्री हरमंदिर साहब प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष सरदार इंदरजीत सिंह, प्रधान गुरदयाल सिंह, चेयरमैन जोगा सिंह कुलविदर सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

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