जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : वस्तु एवं सेवा कर (गुड्स एंड सर्विस टैक्स या जीएसटी) लागू होने के बाद करदाताओं को आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के तहत विभाग राशि भी लौटा रहा है। इसके लिए एक जुलाई 2017 से 29 मई 2018 तक 217 आवेदन आए थे, जिसमें 180 ने आवश्यक दस्तावेज दिए, जबकि 34 ने कागजात नहीं दिए।

झारखंड राज्य कर विभाग, जमशेदपुर प्रमंडल के संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) संजय कुमार प्रसाद बताते हैं कि 180 में 124 का जीएसटी रिफंड स्वीकृत कर दिया गया, जिसमें 48 के खाते में राशि भी भेज दी गई। उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में महज तीन ही आवेदन मिले थे, जबकि शेष 214 आवेदन पिछले वित्तीय वर्ष के हैं। इनमें से 25 आवेदनों के कागजात की जांच की जा रही है, जबकि 25 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें से अधिकांश का दावा एक हजार रुपये से कम था, जबकि कुछ एक-दो रुपये रिफंड के थे। ऐसा लगता है कि इन्होंने रिफंड के लिए टेस्ट मेल डाला था। इसमें छह मामलों का निस्तारण कर दिया गया है।

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चलाया था पखवाड़ा अभियान

विभाग ने जीएसटी रिफंड के लिए 31 मई से पखवाड़ा अभियान भी चलाया था, जिसमें विभाग के सभी अंचल में शिविर लगाकर कार्यालय अवधि में आवेदन मांगे गए थे। हालांकि इसके बावजूद भी यदि किसी करदाता को रिफंड के मामले में कोई शिकायत हो तो संबंधित अंचल के प्रभारी या अधिकारी से मिल सकता है। विभाग जीएसटी अनुपालन में करदाता को हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है।

Posted By: Jagran

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