जमशेदपुर, एम. अखलाक। नौकरी दिलाने के नाम पर जगह-जगह इश्तेहार चिपकाकर बिहार-झारखंड के युवाओं को ठगने के खेल में गाजियाबाद के भी शातिर शामिल हैं। खास बात यह है कि ये ठग केवल सरकारी नौकरियों और सेना में बहाली के नाम पर ही बेरोजगारों को झांसा नहीं दे रहे बल्कि टाटा जैसी बड़ी निजी कंपनियों में भी नौकरी दिलाने का दावा कर रहे हैं। वह भी महज 1460 रुपये में। 

फिलहाल इन शातिरों के फर्जी विज्ञापनों का बड़ा माध्यम बिहार और झारखंड से गुजरनेवाली ट्रेनें बनी हैं। ट्रेनों के डब्बों के बाहरी और भीतरी हिस्से में चिपकाए गए इश्तहारों में लिखे गए नौकरी दिलाने के दावे पढ़कर बेरोजगार इनके झांसे में आ जाते हैं और दिए गए नंबरों पर फोन करने पर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले लोग उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर लेते हैं। शातिरों ने बसों और जगह जगह दीवारों पर भी बाकायदा ये इश्तेहार चिपकाए गए हैं। इतना ही नहीं शातिरों ने इंटरनेट पर भी इस तरह के विज्ञापन डाले हैं, ताकि कहीं न कहीं से शिकार निरंतर फंसते रहें।

टाटा समूह के लोगो का इश्तेमाल

 जमशेदपुर में स्थित देश की प्रतिष्ठित टाटा मोटर्स कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर भी बेरोजगार युवकों को ठगने का काम हो रहा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से प्रीति चौधरी नामक महिला द्वारा ट्रेनों में इश्तेहार चस्पा कर बेरोजगार युवाओं को ठगने की बात सामने आ रही है। यह महिला अपने इश्तेहार पर बेखौफ टाटा समूह का लोगो भी इस्तेमाल करती है और केवल 1460 रुपये में जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स कंपनी में नौकरी दिला देने का वादा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि टाटा मोटर्स कंपनी में इस तरीके से बहाली ही नहीं होती है।

कही गाजियाबाद आने की बात

दैनिक जागरण संवाददाता ने इश्तेहार पर दर्ज मोबाइल नंबर पर बेरोजगार युवक बन कर बातचीत की तो उधर से फोन उठाने वाली महिला ने अपना नाम प्रीति चौधरी बताया। नौकरी के बारे में बातचीत करने पर महिला ने कहा कि नौकरी के लिए पहले गाजियाबाद आना होगा। उसने नौकरी के लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में दो फोटो, आधार कार्ड, अंकपत्र की छायाप्रति और आइटीआइ या अन्य योग्यता के प्रमाणपत्र की छायाप्रति भी साथ लेकर आने को कहा। महिला ने बताया कि नौकरी पाने के लिए कागजात के अलावा ड्रेस के मद में 1260 रुपये व परिचय पत्र के लिए 200 रुपये नकद भी देने होंगे। प्रीति चौधरी के इश्तेहार पर लिखा है कि उसे अनपढ़ से ग्रेजुएट तक की जरूरत है। नौकरी के बाद टाटा मोटर्स कंपनी आवास और भोजन की सुविधा भी मुहैया कराती है। यही नहीं ज्यादा मेहनत करने वाले को ओवरटाइम अलाउंस भी देती है। युवाओं को झांसा देने वाले ये इश्तेहार दिल्ली से पटना और जमशेदपुर आने वाली ट्रेनों में देखे जा सकते हैं।

साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर फोन करना

प्रीति चौधरी से जब रिपोर्टर ने पूछा कि आपका दफ्तर कहां है? तो उसने बताया कि गाजियाबाद से साहिबाबाद रेलवे स्टेशन आना होगा। यहां आकर फोन कर लेना। उससे पूछा गया कि पोस्टिंग कहां होगी? तो उसने कहा- झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स कंपनी में।

मैनपावर के साथ पदवार वेतन का भी होता जिक्र

प्रीति चौधरी के अनुसार, हेल्पर के लिए 9500 रुपये, सुपरवाइजर के लिए 14500 रुपये, स्टोरकीपर के लिए 12500 रुपये व आइटीआइ आवेदक के लिए 18960 रुपये वेतनमान तय है। इश्तेहार में उसने पदवार मैनपावर का भी उल्लेख कर रखा है।

शहर में आए दिन सामने आते हैं ठगी के मामले

जमशेदपुर में आए दिन ठगी के मामले सामने आते हैं। फर्जीवाड़े के शिकार युवा ज्वाइनिंग लेटर लेकर जब टाटा कंपनी में पहुंचते हैं तो पता चलता है कि लेटर ही फर्जी है। चंद रोज पहले ही 176 युवाओं को टाटा कंपनी में नौकरी के नाम पर ठगने के आरोप में पुलिस मानगो क्षेत्र से अमित नामक ठग गिरफ्तार कर चुकी है। वह जमशेदपुर के गो¨वदपुर का रहने वाला है। कई दिनों से रांची में छिपा हुआ था।

टाटा मोटर्स नौकरी के लिए नहीं देती इश्‍तेहार

यह पूरी तरह फर्जीवाड़ा है। टाटा मोटर्स इस तरह ट्रेनों में इश्तेहार चस्पां कर किसी को नौकरी नहीं बांटती है। साथ ही नौकरी के नाम पर किसी से रुपये भी नहीं मांगती है। टाटा समूह का लोगो इस्तेमाल करना गलत है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

-रवि सिंह, एचआर हेड, टाटा मोटर्स, जमशेदपुर

Posted By: Rakesh Ranjan

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