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दुकान पर आटा... तिजोरी में साइबर ठगी का डेटा! घाटशिला के कारोबारी को CID ने ऐसे दबोचा

Published: Thu, 12 Mar 2026 07:54 PM (IST)Updated: Sun, 15 Mar 2026 09:26 PM (IST)

घाटशिला में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। ...और पढ़ें

साइबर ठग का आरोपी।

साइबर ठग का आरोपी।

HighLights

  1. रांची सीआईडी ने आटा व्यापारी रोहित जैन को दबोचा।

  2. गिरोह ने 2 करोड़ से अधिक की ठगी की आशंका।

संसू, घाटशिला । साइबर अपराध के बदलते तरीकों ने अब छोटे शहरों को भी अपना केंद्र बना लिया है। ताजा मामला घाटशिला का है, जहां 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। 
 
सीआईडी (CID) मुख्यालय रांची की विशेष टीम ने बुधवार देर रात घाटशिला में बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहित कुमार जैन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।


व्यापारी की आड़ में चल रहा था ठगी का काला खेल 

गिरफ्तार आरोपी रोहित कुमार जैन की पहचान क्षेत्र में एक आटा व्यापारी के रूप में थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि व्यापार की आड़ में वह अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। 
 
घाटशिला पुलिस और सीआईडी की संयुक्त छापेमारी में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे उसके घर से हिरासत में लिया गया। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे शहर में चर्चा का माहौल है।


2 करोड़ से अधिक की ठगी का अनुमान 

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय था। इन पर अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है।
 
सीआईडी की टीम आरोपी को अपने साथ रांची ले गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई बड़े नामों और अंतर्राज्यीय कनेक्शन का खुलासा हो सकता है।


तकनीकी टीम ने ऐसे कसा शिकंजा

रांची साइबर थाना में मामला दर्ज होने के बाद इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। सीआईडी की तकनीकी शाखा ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से आरोपी के ठिकाने का सटीक पता लगाया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम रोहित कुमार जैन तक पहुंचने में कामयाब रही।

पहले भी हुई थी 90 लाख की ठगी की कोशिश

गौरतलब है कि घाटशिला और मउभंडार क्षेत्र में साइबर ठगों की सक्रियता पहले भी देखी गई है। दिसंबर 2024 में भी मउभंडार थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 90 लाख रुपये का चूना लगाने की कोशिश की गई थी। 
 
इसे पुलिस और बैंक प्रबंधक की सूझबूझ से नाकाम कर दिया गया था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अंजान कॉल या 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी धमकियों से न डरें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।