बहरागोड़ा: पौराणिक शिव मंदिर में गाजन पर्व का आगाज, कांटों पर लोटकर भोक्ताओं ने पेश की अटूट आस्था की मिसाल
झारखंड के बहरागोड़ा स्थित पौराणिक शिव मंदिर में चार दिवसीय गाजन पर्व का शुभारंभ हो गया है। इस पर्व में ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
भक्त कांटेदार टहनियों पर लोटकर महादेव के प्रति आस्था दिखाते।
झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल से श्रद्धालु और मेला आकर्षण।
संवाद सूत्र, बहरागोड़ा। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत बहरागोड़ा प्रखंड के ब्राह्मणकुंडी स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक शिव मंदिर में गुरुवार से चार दिवसीय गाजन पर्व का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हो गया। वर्षों पुरानी इस सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा में भक्ति एवं कठोर साधना का वह अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
कांटों पर लोटकर दिखाई अटूट श्रद्धा
रागड़ो नदी से मंदिर तक उत्सव जैसा माहौल
कठोर तपस्या: केवल रात में सादा भोजन
इन भोक्ताओं की तपस्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे लगातार 13 दिनों तक निराहार रहने के बाद केवल रात्रि के समय अरवा चावल से बना सादा भात (भोजन) ग्रहण करते हैं। यह कठिन व्रत न केवल शारीरिक क्षमता बल्कि उनकी मानसिक दृढ़ता और भगवान शिव के प्रति अगाध प्रेम को भी दर्शाता है।
तीन राज्यों का महासंगम और भव्य मेला
इस धार्मिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। पर्व के अवसर पर मंदिर परिसर में एक भव्य मेले का भी आयोजन किया गया है, जो स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
2 मई को होगा समापन
चार दिवसीय इस पावन उत्सव का विधिवत समापन आगामी 2 मई को होगा। अंतिम दिन सभी भोक्ता रागड़ो नदी में शाही स्नान और विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर लौटेंगे, जिसके साथ ही इस वर्ष के गाजन पर्व का समापन होगा। मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
