जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : जेएनएनयूआरएम (जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशन) के तहत केंद्र सरकार से शहर को मिली 50 बसें कभी शहर की सड़क पर नहीं उतर सकीं। इस वजह से शहर को सस्ती परिवहन सेवा देने का नगर विकास विभाग ने जो सपना दिखाया था वो पूरा नहीं हो सका।

जेएनएनयूआरएम के तहत केंद्र सरकार ने 2013 में शहर को चार करोड़ 66 लाख 20 हजार रुपये की लागत से 50 बसें दी थीं। एक बस की कीमत नौ लाख 32 हजार 20 रुपये थी। इस योजना के तहत केंद्र जमशेदपुर को 100 बसें देने वाला था। तय हुआ था कि पहले जमशेदपुर अक्षेस 50 बसों को कामयाबी से चला कर दिखाए। इसके बाद बाकी 50 बसें दी जाएंगी। लेकिन, जिला प्रशासन और जमशेदपुर अक्षेस इन 50 बसों को कभी नहीं चला पाया। जिला प्रशासन को इन बसों के लिए रूट की व्यवस्था करनी थी। सिटी बसों को मिनी बसों के मालिक नहीं चलने दे रहे थे। शहर के तकरीबन सभी रूटों पर मिनी बसों का ही कब्जा था। इसके चलते भी सिटी बसें नहीं चल पाई।

बस चलाने नहीं सामने आए ठेकेदार : 50 में से 40 से ज्यादा बसें खराब हो चुकी हैं। बाकी बसों को जेएनएसी ने टेंडर कर ठेकेदारों के हवाले कर दिया है। इनमें से सात-आठ बसें ही सड़क पर चल रही हैं। जेएनएसी ने इन बसों को सभी रूट पर दौड़ाने की योजना बनाई थी। लेकिन, सारी योजना धरी की धरी रह गई। सिटी बसों का किराया भी मिनी बसों से कम रखा जाना था। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका।

खराब बसों की नहीं हो पा रही मरम्मत:

नगर विकास विभाग ने पिछले साल ही खराब बसों को ठीक करने के लिए आवंटन जारी करने का एलान किया था। लेकिन, ऐसा नहीं किया जा सका। आवंटन के अभाव में ये बसें ठीक नहीं कराई जा सकीं। अगर अब भी नगर विकास विभाग इन बसों को ठीक कर सड़क पर उतार दे तो शहर को सस्ती परिवहन व्यवस्था दी जा सकती है।

Posted By: Jagran