जमशेदपुर, जासं। झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला ने शनिवार को साकची स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के दफ्तर के सामने सपरिवार आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसके माध्यम से बिल्ला सीजीपीसी के कार्यकारी प्रधान महेंद्र सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों से आग्रह करेंगे कि पंथिक, धार्मिक, सामाजिक मामलों में वे आरोपित गुरमुख सिंह मुखे से दूर रहें।

बिल्ला का कहना है कि गुरमुख सिंह मुखे संगत और स्थानीय प्रशासन को गुमराह करने में लगे हैं कि उन्हें सिख संसद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान जागीर कौर से आशीर्वाद मिल गया है। तख्‍त श्री हरमंदिर साहिब पटना के जत्थेदार भाई गोहर मस्कीन ने भी उसे आपसी भाईचारा रखने की हिदायत दी है। बिल्ला ने सीजीपीसी के कार्यकारी प्रधान महेंद्र सिंह व अन्य पदाधिकारियों-कार्यसमिति के सदस्यों को याद दिलाया कि गुरमुख सिंह औ अमरजीत सिंह अंबे ने उनकी जान लेने की कोशिश की थी। पुलिस ने उसके खिलाफ सबूत पाया और तब जाकर उसे जेल भेजा था।

उठाए हैं ये सवाल

उसकी दरखास्त पर तख्त श्री हरमंदिर साहिब पटना और श्री अकाल तख्त दरबार साहब ने अंतिम फैसला लिया था कि जब तक अदालत से गुरमुख सिंह निर्दोष साबित नहीं होता है, तब तक उसे किसी भी धार्मिक स्टेज से बोलने नहीं दिया जाएगा और ना ही उसे सम्मानित किया जाएगा। लेकिन यहां के कुछ प्रधान ने तखत के इस फैसले की अवहेलना की है। उनके लिए अपना स्वार्थ पहले है और पंथ बाद में है। गुरमुख सिंह क्या पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई जीत कर आया था, जो शैलेंद्र सिंह और अन्य गुरुद्वारा कमेटियों के पदाधिकारियों ने उसका माला पहनाकर स्वागत किया था। क्या उसने आइएसआइ को जड़ से उखाड़ फेंका था, जो सोनारी समेत अन्य गुरुद्वारा में उसे सिरोपा दिया गया। 

बिल्‍ला पर हुआ था हमला

बीबी जागीर कौर ने साफ इंकार किया है कि उन्होंने गुरमुख सिंह को किसी तरह का आशीर्वाद दिया है। जो किसी सिख पर जानलेवा हमला करे, वह सिख कहलाने लायक नहीं होता है। बिल्ला ने कहा कि उन्होंने जिला उपायुक्त, अनुमंडल अधिकारी, एसएसपी व सिटी एसपी को लिखित रूप से जानकारी दी है कि वे सीजीपीसी दफ्तर के पास अपने लोकतांत्रिक अधिकार और जीवन की रक्षा के लिए सपरिवार आमरण अनशन करेंगे। ज्ञात हो कि नौ नवंबर 2019 को सुबह टहलने के दौरान जानलेवा हमला हुआ था।

Edited By: Rakesh Ranjan