जमशेदपुर : क्या कभी आपने सोचा है कि महिलाओं के ब्रा में बो क्यों होता है। ब्रा महिलाओं के पहनावे का एक बहुत जरुरी हिस्सा है और ये पहनने से ब्रेस्ट सुडौल भी रहते हैं और वो किसी तरह की चोट से बच भी सकते हैं।

जमशेदपुर की फैशन डिजायनर नीता अग्रवाल बताती हैं, ब्रा हमेशा महिलाओं की अपर बॉडी को सपोर्ट करती है और वो महिलाएं जिनके हैवी ब्रेस्ट होते हैं उन्हें तो इसकी जरुरत काफी ज्यादा होती है।

ब्रा के बारे में कुछ ऐसे फैक्ट्स है जिनके बारे में महिलाएं नहीं जानती है और वो इन्हें हमेशा नजरअंदाज कर देती है। उदाहरण के तौर पर ब्रा में अधिकतर बो बना हुआ होता है जिससे बारे में ज्यादातर महिलाएं ध्यान नहीं देती है।

आखिर क्यों होता है ब्रा में बो

फैशन डिजायनर पल्लवी के अनुसार, पुराने जमाने में जब महिलाएं कॉर्सेट पहना करती थी तब उसमें व्हेल की हड्डी का एक पीस होता था जिसे बक्स कहा जाता था। उसे कॉर्सेट के सामने के हिस्से में लगाया जाता था और फिर एक बो की मदद से बांधा जाता था। बस्क तो चला गया लेकिन बो अभी भी मौजूद है।

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस का साइन भी है बो

ऐसा ही एक कारण अंडरवियर के लिए भी है क्योेंकि इलास्टिक के बनने से पहले लोग बो के शेप में अपनी अंडरवियर को बांधते थे। ये सबसे आसान जगह है एक बो को लगाने के लिए इसलिए इसे लगाया जाता है। ये तो था कोरा का एक्सप्लेनेशन जो ऐतिहासिक है। पर इस बो के ब्रा में मौजूद होने का एक और कारण है। हालांकि कई कंपनियां अब भी इसे हटाने भी लगी है, लेकिन अधिकतर ब्रा में अभी भी ये मिल जाएगा।

दरअसल, ये ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस का साइन भी है। ब्रा में इसका मौजूद होना जागरूकता के नजरिए से देखा जा सकता है जो ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए है।

1890 में हुआ था ब्रा का आविष्कार

फ्रांस में 1890 के दशक में ब्रा का आविष्कार हुआ था। वैसे इससे पहले भी ब्रेस्ट के लिए कॉर्सेट और अन्य चीजें हुआ करती थी लेकिन मॉडर्न ब्रा तो फ्रांस ककी ही देन है।

1930 के दशक में कप साइज का आविष्कार हुआ। एसएच कैंप एंड कंपनी ने पहली बार कप साइज बनाए। ये सिस्टम काफी कुछ वैसा ही था जैसा अभी के समय में इस्तेमाल किया जाता है। धीरे-धीरे एसे एक से डी की कैटेगरी में बांटा गया और फिर धीरे-धीरे मॉडर्न ब्रा ने जन्म लिया।

Edited By: Jitendra Singh