जमशेदपुर, जासं। झारखंड में वृद्ध पूर्व सैनिकों के लिए गुमला के मंझाटोली में वाणप्रस्थ सैन्य आश्रम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन बुधवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने किया। वहां से लौटकर सुशील सिंह ने बताया कि इसमें जमशेदपुर के पूर्व सैनिक भी रह सकेंगे। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।

सिंह ने बताया कि इसका निर्माण राज्य सैनिक निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर वीजी पाठक व वेटरन अनिरुद्ध सिंह के अथक प्रयास से संभव हो सका है। इस मौके पर लोहरदगा के सांसद सुदर्शन भगत भी उपस्थित रहे। वहीं इस आयोजन में उस क्षेत्र के पूर्व सैनिक वीर नारी गुमला जिला सैनिक बोर्ड के समस्त पदाधिकारी जय किसान कालेज के साथ अन्य स्कूल की छात्र-छात्राएं व सामान्यजन की गौरवमयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का विषय प्रवेश निदेशक ब्रिगेडियर वीजी पाठक ने किया एवं इस आश्रम निर्माण की अनुशंसा राज्यपाल द्वारा किए जाने और आज इस स्वप्न के साकार होने पर प्रशंसा की।

आश्रम के महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला

अपने संबोधन में सुदर्शन भगत ने इस आश्रम के महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कहा कि यह आश्रम उत्तर भारत का पहला आश्रम है, जो जरूरतमंद पूर्व सैनिकों को वृद्धावस्था में आश्रय प्रदान करेगा। राज्यपाल ने अपने संबोधन में इस आश्रम के निर्माण पर खुशी ब्यक्त करते हुए इस क्षेत्र के कार्यरत व पूर्व सैनिकों की वीरता एवं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर किए गए कार्यों की सराहना की। इसके साथ ही आश्रम में अपनी ओर से मनोरंजन व ज्ञानवर्द्धन के लिए तीन टेलीविजन प्रदान करने की घोषणा की। इस कार्यक्रम में जमशेदपुर से अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधि के रूप में सुशील कुमार सिंह, राजीव रंजन, डा. कमल शुक्ला, मिथिलेश सिंह व सतनाम सिंह, रांची से उपेंद्र कुमार सिंह व भागीरथी मुंडा, गुमला से बिनोद मिंज, ओझा उरांव व हरिनारायण साहू, लातेहार से पैट्रिक केरकेट्टा आदि सैकड़ों पूर्व सैनिक, वीर नारियां व सैनिक विधवाएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन वेटरन अनिरूद्ध सिंह ने किया।

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