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750 करोड़ के GST फर्जीवाड़े में ED का बड़ा एक्शन: जमशेदपुर और कोलकाता में कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:54 PM (GMT+05:30)

प्रवर्तन निदेशालय ने जमशेदपुर और कोलकाता में 750 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल और उनके ऑडिटर संजय पारेख के कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।

स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल और उनके ऑडिटर संजय पारेख के कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।

HighLights

  1. ईडी ने 750 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

  2. जमशेदपुर और कोलकाता में कारोबारी व ऑडिटर के ठिकानों पर छापेमारी।

  3. फर्जी बिलिंग से अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। करीब 750 करोड़ रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) फर्जीवाड़े और धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह जमशेदपुर और कोलकाता में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। 
 
ईडी की टीमों ने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके ऑडिटर संजय पारेख के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
 

सुबह सात बजे एक साथ दबिश 

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के साथ ईडी की अलग-अलग टीमें बुधवार सुबह करीब सात बजे ज्ञानचंद जायसवाल के बिष्टुपुर स्थित बीएस टावर, कांट्रैक्टर्स एरिया, बर्मामाइंस और जुगसलाई स्थित ठिकानों पर पहुंचीं। 
 
इसके साथ ही आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के हथियाडीह स्थित मां शारदा एंडेवर्स फैक्ट्री और गम्हरिया स्थित प्लांट में भी छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सभी परिसरों को सील कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
 

ऑडिटर के ठिकानों से दस्तावेज जब्त 

कारोबारी के वित्तीय खातों का प्रबंधन करने वाले ऑडिटर संजय पारेख और उनके सहयोगियों के ठिकानों को भी जांच के दायरे में लिया गया।
 
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 के तहत कार्रवाई करते हुए कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप, बही-खाते और बैंक खातों के विवरण कब्जे में लिए हैं।
 

फर्जी बिलिंग से ITC का खेल 

जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई बिना माल की आपूर्ति किए कागजों पर फर्जी चालान बनाकर करोड़ों रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने के आरोप में की गई है। 
 
इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। फिलहाल जब्त साक्ष्यों और वित्तीय दस्तावेजों का विश्लेषण जारी है।