जमशेदपुर : काेविड 19 महामारी के कारण इन दिनों लॉकडाउन के कारण पब्लिक वाहनों की परिचालन लगभग बंद हो गया है। इसके कारण परिवार में किसी सदस्य के पॉजिटिव होने पर पूरे परिवार को क्वारंटाइन किया जा रहा है। ऐसे में दक्षिण पूर्व रेलवे ने ऐसे कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। इसके तहत उन्हें स्पेशल लीव की सुविधा मिलेगी। लेकिन इस सुविधा का लाभ लेने से पहले उन्हें जरूरी नियमों का भी पालन करना होगा यदि वे इन वजहों से कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। नया आदेश पहली मई से प्रभावी कर दिया गया है और कर्मचारी अधिकतम 30 दिन का स्पेशल लीव ले सकते हैं।

इन वजहों से मिल सकता है स्पेशल लीव 

  • यदि कर्मचारी हेड क्वार्टर को बताता है कि लॉकडाउन की वजह पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं मिलने से वे ड्यूटी पर नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में उक्त अवधि को ड्यूटी माना जाएगा।
  • यदि संबधित कर्मचारी दूसरे स्टेशन से लौटने पर क्वारंटाइन हो गए हैं तो उन्हें स्पेशल लीव मिलेगी।
  • यदि कर्मचारी केंद्र व राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइन के कारण क्वारंटाइन हुए हैं तो उन्हें स्पेशल लीव मिलेगी।
  • यदि संबधित कर्मचारी को रेलवे मेडिकल ऑथिरिटी ने क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी है तो उन्हें स्पेशल लीव मिलेगा।
  • यदि कोई कर्मचारी को-मोरबिट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण
  • घर पर ही रहकर ड्यूटी कर रहे हैं तो ऐसे कर्मचारी के ड्यूटी को स्वीकृत किया जाएगा। बशर्ते वरीय अधिकारियों से इस संबंध में उन्हें अनुमति मिली हो।
  • यदि किसी कर्मचारी को हेड क्वार्टर ने ड्यूटी पर बुलाया है लेकिन वे अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित हैं तो उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा और उक्त अवधि का वेतन उन्हें नियमानुसार मिलेगा।
  • यदि कोई कर्मचारी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं तो उन्हें भी स्पेशल लीव मिलेगा।
  • यदि किसी कर्मचारी को ड्यूटी पर बुलाया जा रहा हो और उनका नाम रोस्टर में है लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण वे वर्क फ्रॉम होम के तहत ही काम कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी को मान्य माना जाएगा लेकिन इसके लिए उन्हें वरीय अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।