संसू, धालभूमगढ़ : पावड़ा नरसिंहगढ़ पंचायत भवन के समीप बने 100 बेड वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्ण किए बिना ही संवेदक द्वारा पूर्ण दिखाकर स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी की मिलीभगत से हैंड ओवर कर दिए जाने के मामले को लेकर विधायक रामदास सोरेन ने विधानसभा में 11 सितंबर 2021 को मामला उठाया था। भवन निर्माण को अपूर्ण छोड़ने एवं राशि का बंदरबांट किए जाने के मामले में पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इस आलोक में 17 सितंबर को सदन में तारांकित प्रश्न पर सदन द्वारा जवाब दिया गया। विधायक ने असंतुष्ट होकर पूरे मामले की जांच अपनी उपस्थित संबंधित जिला प्रशासन के पदाधिकारी के कराने कराने की बात कही थी। इस संबंध में जांच हेतु तीन सदस्यीय टीम गठित किया गया। उप विकास आयुक्त, ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता एवं विधायक रामदास सोरेन की उपस्थित में जांच करने का आदेश दिया गया था। इस संबंध में गुरूवार को सीएचसी जांच करने टीम सीएचसी भवन पहुंची। विधायक रामदास सोरेन एवं डीडीसी परमेश्वर भगत ने सौ बेड के सीएचसी भवन का जांच किया। जांच के क्रम में पाया कि यह भवन वास्तव में अपूर्ण है। वायरिग का काम नही हुआ, इसके अलावा पानी के लिए डीप बोरिग भी नही हुआ है। सीएचसी भवन के कमरों में कई जगह दरार पड़ा हुआ पाया गया। निर्माण वर्ष 2009-10 में शुरू किया गया था। शिलान्यास तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही, तत्कालीन सांसद सुमन महतो, विधायक डा. प्रदीप कुमार बलमुचू ने पूरे तामझाम के साथ किया था। इसकी प्राक्कलित राशि 3.5 करोड़ रुपया की है। संवेदक आरके अग्रवाल रांची के द्वारा निर्माण कराया जा रहा था। सीएचसी भवन निर्माण पूर्ण करने की तिथि 22 जून 2011 को निर्माण कार्य पूरा किया गया है। 13 नवंबर 2013 को स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को संवेदक द्वारा सौंप दिया गया है। हालांकि इस संबंध में सविल सर्जन डा. एके लाल ने निरीक्षण के क्रम में विधायक व डीडीसी को बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास कोई पत्र नहीं है। विधायक रामदास सोरेन ने डीडीसी से कहा कि सीएचसी भवन निर्माण में सीधे तौर पर संवेदक द्वारा विभागीय पदाधिकारी की मिलीभगत से किया गया है। सरकार द्वारा 3.5 करोड़ रुपये दिया गया है जो आज भी धरातल पर पूर्ण रूप से नहीं दिख रहा है। जब तक सही जांच एवं दोषी पर कार्रवाई नही होती है तब तक किसी प्रकार मरम्मत के नाम पर पैसा स्वीकृत नहीं किया जाए। डीडीसी ने कहा जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपा जाएगा।

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