डिमना लेक हादसा: एमजीएम के दो होनहार डॉक्टरों की डूबने से मौत, मोबाइल बचाने के चक्कर में गई जान; कैंपस में सन्नाटा
जमशेदपुर के डिमना लेक में एमजीएम कॉलेज के दो इंटर्न डॉक्टर समीर और सक्षम की डूबने से मौत हो गई। ...और पढ़ें

मोबाइल बचाने के चक्कर में दो होनहार डॉक्टरों समीर लाल और सक्षम सिंह की जान गई। (फोटो: फाइल)
HighLights
एमजीएम कॉलेज के दो होनहार इंटर्न डॉक्टर डिमना लेक में डूबे।
मोबाइल बचाने की कोशिश में दोनों की दर्दनाक मौत हुई।
जमशेदपुर के डिमना लेक हादसे से कॉलेज में मातम पसरा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 2020 बैच के दो होनहार जूनियर डॉक्टर समीर लाल और सक्षम सिंह की डिमना लेक में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
इस दुखद घटना के बाद से पूरे एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं साथी छात्र और फैकल्टी गहरे सदमे में हैं। घटना की जानकारी के मुताबिक, 2020 बैच के तीन इंटर्न डॉक्टर समीर लाल, सक्षम सिंह और डॉ यश देर रात डिमना लेक पहुंचे थे।
इसी दौरान उनमें से एक का मोबाइल फोन तालाब के गहरे पानी में गिर गया। फोन निकालने और एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में समीर और सक्षम गहरे पानी में समा गए। किस्मत से उनका तीसरा साथी यश इस हादसे में बाल-बाल बच गया।
परिजनों में कोहराम, काशीडीह से डाल्टनगंज तक शोक
घटना के बाद बोड़ाम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को झील से बरामद कर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। इस हादसे की खबर मिलते ही समीर कुमार के परिजनों में काशीडीह स्थित घर पर कोहराम मच गया है।
स्थानीय लोग भावुक होकर समीर को याद करते हुए कह रहे हैं, “वह बहुत होनहार बच्चा था, डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का उसका सपना था।” दूसरी ओर, सक्षम कुमार के स्वजन डाल्टनगंज से जमशेदपुर के लिए रवाना हो चुके हैं और उनके जल्द ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने की उम्मीद है।
पोस्टमार्टम को लेकर संशय, पुलिस नियमों पर कायम
समीर के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच चुके हैं। हालांकि, वे इस त्रासदी से इतने टूट चुके हैं कि शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी अप्राकृतिक मौत के मामले में नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाना अनिवार्य है।
एक छोटी सी असावधानी और मोबाइल फोन जैसी चीज को बचाने की कोशिश ने देश को दो भावी डॉक्टर खोने पर मजबूर कर दिया। यह दुखद घटना एक बार फिर हर किसी को सचेत करती है कि पानी के खतरनाक स्रोतों के पास ली गई छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
