Archery World Cup: 16 साल बाद टूटा रिकॉर्ड; धीरज बने तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में देश के पहले पुरुष चैंपियन
मैक्सिको के साल्टिलो में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में धीरज बोम्मादेवरा ने रिकर्व वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है।

भारतीय सेना के 25 वर्षीय तीरंदाज धीरज और जापान के नकानिशीजुन्या के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक रहा।
HighLights
धीरज बोम्मादेवरा ने तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता।
पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बने जिन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
भारतीय पुरुष तीरंदाजी में 16 साल का पदक सूखा समाप्त हुआ।
जासं, जमशेदपुर। मैक्सिको के साल्टिलो में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप फाइनल (Archery World Cup Final) के रिकर्व वर्ग में भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है।
वे इस प्रतिष्ठित सीजन-एंडिंग टूर्नामेंट में सोने का तमगा हासिल करने वाले भारत के पहले पुरुष तीरंदाज बन गए हैं।
भारतीय सेना के 25 वर्षीय तीरंदाज धीरज और जापान के नका निशी जुन्या के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक रहा।
रोमांचक शूट-ऑफ में दागा 10 का परफेक्ट निशाना
पांच सेटों के उतार-चढ़ाव भरे मुकाबले के बाद दोनों खिलाड़ी 5-5 की बराबरी (28-28, 28-29, 29-28, 28-30, 28-27) पर थे।
इसके बाद निर्णायक शूट-ऑफ में धीरज ने सीधे 10 का परफेक्ट निशाना साधा, जबकि जापानी तीरंदाज 9 अंक ही हासिल कर सके। इसके साथ ही धीरज ने 6-5 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
16 साल का सूखा खत्म, रचा नया इतिहास
विश्व के 10वें नंबर के खिलाड़ी धीरज ने अपने तीसरे प्रयास में सीधे स्वर्ण पर कब्जा जमाया है। इस कामयाबी के साथ ही उन्होंने भारतीय पुरुष तीरंदाजी में 16 वर्षों के पदक के सूखे को समाप्त कर दिया।
इससे पहले वर्ष 2010 में एडिनबर्ग में टाटा स्टील के जयंत तालुकदार ने कांस्य पदक जीता था, लेकिन कोई भी भारतीय पुरुष तीरंदाज अब तक स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सका था।
भारत के लिए इस प्रतियोगिता में इससे पहले एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक 2007 में टाटा तीरंदाजी अकादमी की पूर्व प्रशिक्षु डोला बनर्जी ने जीता था।
वहीं, टाटा अकादमी की पूर्व प्रशिक्षु दीपिका कुमारी इस टूर्नामेंट में अब तक कुल छह पदक (पांच रजत, एक कांस्य) अपने नाम कर चुकी हैं। धीरज की इस उपलब्धि ने भारतीय तीरंदाजी में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
