जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : लाल बिल्डिंग बागबेड़ा इलाके की पहचान बन गई है। इलाके में एक चौराहे को लाल बिल्डिंग चौक के नाम से जाना जाता है। यहां करीब 70 से ज्यादा फ्लैट हैं, जिन्हें लाल बिल्डिंग कहा जाता है। दरअसल अंग्रेजों के शासनकाल में यहां रेल अधिकारियों के रहने के लिए लाल बिल्डिंग का निर्माण कराया गया था। सभी बिल्डिंग का रंग व आकार एक जैसा रखा गया। पहले बिल्डिंग को लाल रंग से ही रंगा जाता था, लेकिन अब इसे कभी पीले तो कभी सफेद रंग से रंगा जाता है। आजादी के बाद अंग्रेज तो यहां से चले गए, लेकिन अब भी यहां वर्तमान रेल अधिकारी व कर्मचारी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। करीब 80 वर्ष से ज्यादा इस बिल्डिंग के निर्माण को हो चुके हैं। इस बिल्डिंग की खासियत यह है कि यहां रहने वाले लोगों को गर्मी का अहसास नहीं के बराबर होता है। पंखा चलाने मात्र से ही कमरे ठंडे हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस बिल्डिंग को हवादार बनाने के इसकी इंजीनियंरिंग भी कुछ ऐसी ही रखी गई है। एक-एक कमरे में चार-चार खिड़कियां लगाई गई हैं, ताकि कमरे में गर्मी का अहसास ही न हो। इसे लाल बिल्डिंग कॉलोनी के नाम से भी जाना जाता है, इस कॉलोनी के चारों ओर पेड़ पौधे लगे हुए हैं जो गर्मी के मौसम में काफी राहत देते हैं। टाटानगर स्टेशन से इसकी दूरी लगभग एक किलोमीटर है। इस कॉलोनी के चारों ओर दुकानों व मकान बने हुए हैं।

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छड़ के बिना ही बने दो मंजिला बिल्डिंग

ब्रिटिश सरकार ने इस बिल्डिंग को बिना छड़ व पीलर के ही ईंट जोड़ कर बनवाया था। इस बिल्डिंग में कई फ्लैटनुमा मकान बनाए गए हैं लेकिन शौचालय सार्वजनिक ही बनाया गया था। एक फ्लैटनुमा बिल्डिंग में सात से आठ शौचालय का निर्माण कराया गया था। वहीं यहां सप्लाई के लिए अलग से बड़ी टंकी का निर्माण भी कराया गया था। समय बीतने के साथ-साथ कुछ बिल्डिंग के रंगों में बदलाव कर उसी पीला रंग से रंग रोगन किया गया। अभी भी कुछ बिल्डिंग लाल रंग की है भले ही रंग समय के साथ उतरने लगे हैं।

Posted By: Jagran

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