जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : जमशेदपुर का वर्कर्स कॉलेज एक बार फिर राजनीतिक हंगामे का केंद्र बना। कॉमन रूम को लेकर वर्कर्स कॉलेज में अभाविप व छात्र आजसू तथा एआइडीएसओ के नेतृत्व में हंगामा होता रहा। इसमें तीनों संगठन के कॉलेज छात्र संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। दरअसल वर्कर्स कॉलेज में एनएसएस के रूम को ग‌र्ल्स कॉमन रूम में तब्दील करने की योजना है। इस बात का विरोध छात्र आजसू व एआइडीएसओ के कार्यकर्ताओं ने किया। लेकिन अभाविप कार्यकर्ताओं का कहना है कि कॉमन रूम में छात्रों का अधिकार है। इसे हर हाल में छात्र-छात्राओं के लिए खाली कराया जाये, जहां तक एनएसएस की बात है तो इसके लिए अलग रूम का आवंटन होना चाहिए। अभाविप के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कार्य समिति सदस्य सागर राय ने कहा कि कॉलेज के प्राचार्य को एक सप्ताह पहले मांग पत्र सौंपा गया था। इसमें कॉलेज में इतिहास, अंग्रेजी व राजनीतिक विज्ञान में पीजी की पढ़ाई तथा कॉमन रूम को खुलवाने की बात कही गई थी। इसमें एक भी मांग पूरी नहीं हुई। अगर कॉलेज प्रशासन हमारी बात नहीं सुनता है तो तीन दिनों के अंदर कॉलेज की तालाबंदी कर दी जाएगी। इसमें मुख्य रूप से अभाविप के महानगर एसएफडी प्रमुख अभिषेक ओझा, कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष सत्यनाथ प्रमाणिक, विवि प्रतिनिधि सागर ओझा, अनिप अनुरंजन, बापन घोष, शैलेंद्र ओझा, प्रदीप बारी, कारण महतो, राहुल सौरव केसरी, बिराज, विशाल सिंह, सुजीत सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित अभाविप के पक्ष में धरना कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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अभाविप के इशारे पर कार्य कर रहे हैं प्राचार्य : छात्र आजसू-एआइडीएसओ

जमशेदपुर : छात्र आजसू व एआइडीएसओ के पदाधिकारियों व इसके समर्थित कॉलेज छात्र संघ पदाधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन के दौरान प्राचार्य डॉ. बीएन प्रसाद पर अभाविप के इशारे पर कार्य करने का आरोप लगाया। छात्र आजसू और एआइडीएसओं के कार्यकर्ताओं का कहना है कि अभाविप के जीते हुए पदाधिकारियों की हर बात में हा में हा प्राचार्य मिलते है जिस कारण कॉलेज का माहौल खराब होने की संभावना है। प्राचार्य के द्वारा लगातार अखबार की सुर्खियों में आकर छात्र नेताओं और विश्वविद्यालय के खिलाफ लिखना। प्राचार्य ले द्वारा जीते हुए छात्र नेताओं के साथ अभद्र तरीके और हिटलर की तरह बर्ताव करना अशोभनीय है। अभाविप के दवाब में आकर उस रूम को खाली करवाया जा रहा है जिस रूम में एनएसएस के छात्र अभ्यास करते है। सास्कृतिक टीम के द्वारा युवा महोत्सब का खिताब, संस्कृत विभाग ले अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, राष्ट्रीय संगोष्ठी आदि बड़े-बड़े कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ है। प्राचार्य के द्वारा अभाविप के दवाब में एक शिक्षक को दो-दो विभागों में पद दिया गया है इसका उदाहरण है पाठक सर। पाठक सर को आइक्यूएसी व वोकेशनल विभाग का हेड बना दिया गया है। छात्र जनरल काउंसिल में अभाविप के सबसे अधिक छात्रों को रखा गया है। कॉलेज में अक्सर छेड़खानी की घटनाएं हो रही है। मारपीट के आरोपी की पहचान होने के बावजूद न तो पुलिस कुछ कर रही है और कॉलेज प्रशासन। अब छात्र आजसू प्राचार्य को वर्कर्स कॉलेज से हटाने के लिए आंदोलन करेगा। छात्र आजसू और एआइडीएसओं के आंदोलन का नेतृत्व कॉलेज छात्र संघ के सचिव गौतम कुमार सिंह, उपाध्यक्ष शुभम कुमार झा, सह सचिव विजय महतो, उप सचिव संगीता बनर्जी ने किया। इस मौके पर अब्दुल कादिर, कलोल कर्मकार, मनोज पटेल, संगीता पांडे सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Posted By: Jagran