जमशेदपुर : विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर बुधवार को दलमा में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वन कर्मचारियों के अलावा इको विकास समिति के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान इको विकास समिति व आसपास के लोगों को बताया विश्व वन्यजीव संरक्षण दिवस की महता के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को बताया कि दलमा हाथियों के लिए संरक्षित है। इसके अलावा यहां

नाना प्रकार के पेड़-पौधे, जीव जंतु पाए जाते हैं। इसकी रक्षा करना हम सभी काे मिलकर करना है। विश्व वन्यजीव दिवस का इतिहास के बारे में रेंजर दिनेश चंद्रा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2013 को 68वें सत्र में तीन मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस घोषित किया था।

तीन मार्च को विलुप्तप्राय वन्यजीव और वनस्पति के व्यापार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को स्वीकृत किया गया था कि वन्य जीवों को विलुप्त होने से रोकने के लिए सर्वप्रथम सन 872 में जंगली हाथी संरक्षण अधिनियम (वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट) पारित हुआ था।

कार्यक्रम के पश्चात जंगली जानवरों को कई प्रकार स्वादिष्ट फल खिलाए गए। हाथी, बंदर व हिरणों को केला, गाजर, गन्ना, लौकी, गोभी, शलजम आदि खिलाए गए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से फारेस्टर अंचिंत कुमार राणा, अंकित कुमार श्रीवास्तव, हरिप्रसाद अग्रवाल, इको विकास समिति के अध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह सरदार, सृष्टी महतो, खिरोद सिंह सरदार, रवि सिंह सरदार, रंजीत सिंह सरदार, मार्शल बास्के के अलावा काफी संख्या में दलमा में रहने वाले लोग उपस्थित थे।