जमशेदपुर, जासं। झारखंड राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल रांची में जाकर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ गोपा कुमारन नायर से मिलकर उन्हें राज्य सहकारी बैंक की मौजूदा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की स्थिति से अवगत कराया। साथ ही उन्हें एक मांग पत्र सौंपा जिसमें वर्तमान में बैंक के शीर्ष प्रबंधन में स्थिति के बारे में अवगत कराया गया है।

पत्र में लिखा गया है कि बोर्ड के कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है और कई डिफॉल्टर सोसाइटी से आने के कारण अपनी योग्यता से डिसक्वालीफाई हो गए हैं। अब बोर्ड विगत एक वर्ष से अल्पमत में है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पिछले एक वर्ष से कोरम पूरा नहीं होने के कारण बोर्ड की बैठक नहीं हो पायी है। बोर्ड की बैठक नहीं होने के कारण बैंक के अनिवार्य एवं संस्था चलाने के लिए अत्यावश्यक निर्णय लंबित हैं, जिससे बैंक का विकास पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। स्थितियां बद से बदतर की ओर पहुंच चुकी है। परिणामस्वरूप किसानों, मजदूरों एवं गरीब तबके के लोगों के उत्थान के लिए बनी ऐसी महत्वपूर्ण संस्था कोमा में जा रही है।

ये रखी गइ मांग

बैंक के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की क्रियाकलापों के मूल्यांकन एवं मार्ग निर्देशन के लिए कोई प्रबंधकीय व्यवस्था नहीं है। बैंक के मुख्यालय स्तर पर महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक,सहायक महाप्रबंधक तथा क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद रिक्त हैं। बैंक में जूनियर लेबल कर्मचारियों के स्वीकृत कार्य बल से आधे कार्यबल कार्यरत हैं। इन उपरोक्त तथ्यों के आलोक में बैंक की वर्तमान दशा सुधारने के लिए प्राथमिकता देते हुए से कार्रवाई करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चंदन प्रसाद,महासचिव राजीव रंजन, अनिल प्रदीप पन्ना, निखिल बंका, मनीष कुमार, अविनाश कुमार, मुकेश कुमार साव, राजीव कुमार, संतोष साहू, अमृता महतो आदि शामिल थे।

 

Edited By: Rakesh Ranjan