जमशेदपुर, जेएनएन। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना इलाके के बड़ौदा घाट में खरकई नदी में गुरुवार को डूबे दो और छात्रों की लाश मिल गई है। इसी के साथ दोनों के बच निकलने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। शव मिलने के साथ ही आसपास के सैकड़ों लोग घाट पर पहुंचे। चारो ओर चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अभिषेक पांडेय और सूरज गुप्ता की लाश शनिवार सुबह बरामद हुई। दोनों की लाश पानी में उबलकर बाहर आ गई थी। एक की लाश जुगसलाई शिवघाट और दूसरे की धोबी घाट के पास मिली। दोनों बर्मामाइंस इस्ट प्लांट बस्ती शिवनगर के रहनेवाले थे। शुक्रवार को लाश नहीं मिलने पर लोगों ने उपायुक्त से मिलकर एनडीआरएफ की टीम बुलाने की मांग की थी। होली खेलने के बाद खरकई नदी में नहाने गए छह छात्र गुरुवार को नदी की बहती धारा में फिसल कर गिर गए थे। उनमें से तीन को तो वहां नहा रहे लोगों ने बचा लिया था, लेकिन बाकी के तीन छात्र डूब कर मर गए। डूबने वाले सभी छात्र बर्मामाइंस ईस्टप्लांट बस्ती शिवनगर के रहनेवाले थे।

 शव मिलने की सूचना पर जुटे स्थानीय लोग।

पहले मिल गई थी आदर्श की लाश

उनमें से एक आदर्श सिंह उर्फ गोलू (16 वर्षीय) का शव शुक्रवार को नदी से बरामद कर लिया गया, जबकि अन्य दो दोस्त अभिषेक पांडेय और सूरज गुप्ता की तलाश शुक्रवार की दोपहर तक नदी पर गोताखोर करते रहे। घटना बागबेड़ा बड़ौदा घाट पर बने बांध में घटी। ये सभी छात्र उस समय गिरे जब वे बांध की दीवार पर चढ़कर स्टंट कर रहे थे। हाथ पकड़कर ही वे नदी की उस ओर से वापस लौट रहे थे, तभी इनमें से एक का पैर फिसल गया। एक के फिसलते ही सभी झटका खाकर नदी में गिर गए। बच्चों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने एग्रिको स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन किया।

 इन्हीं छात्रों की हुई मौत।

Posted By: Rakesh Ranjan