जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : टाटा स्टील को सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पासबिलिटी) के तहत जिला में 11,500 शौचालय बनवाने थे, लेकिन उसने अभी तक करीब 2000 शौचालय ही बनवाए हैं। अब उसने हाथ खड़े कर दिए हैं।

सोमवार को जिला समाहरणालय में उपायुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में टाटा स्टील ने शौचालय बनवाने से इंकार कर दिया। इससे पहले 10 जून को जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा विभिन्न कॉरपोरेट घरानों के साथ बैठक कर सीएसआर के तहत शौचालय बनाने का टास्क दिया था। इसके साथ ही सीसीटीवी लगाने पर भी सहमति जतायी गई थी। टाटा स्टील ने शौचालय नहीं बनवा पाने के पीछे कई तकनीकी कारणों का उल्लेख किया है। बताया कि कंपनी प्रबंधन इसके एवज में शौचालय निर्माण का खर्च सरकार के खाते में जमा कर देगी। दो हजार शौचालय कंपनी बनवा सकता है, शेष जिला प्रशासन बनवा लें। कंपनी प्रबंधन सीएसआर के तहत खर्च के एवज में प्रति शौचालय 12 हजार रुपये जमा करा देगी। इस संबंध में उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि आज की बैठक में शौचालय निर्माण पर ही फोकस किया गया था। इसमें टाटा स्टील के प्रतिनिधियों ने असमर्थता जताते हुए उनके द्वारा शौचालय नहीं बना सकने की बात कही गई। उपायुक्त ने बताया कि चूंकि टाटा स्टील को इस संदर्भ में जिम्मा सौंपा गया था, इस लिहाज से वे निश्चिंत थे, अब नए सिरे से पुन: योजना बनाकर इस दिशा में कार्य करना होगा।

बैठक में उपायुक्त ने अन्य कॉरपोरेट घरानों को इस दिशा में जल्द से जल्द लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही बताया कि सीसीटीवी लगाने के लिए जल्द ही टेंडर निर्गत किया जाएगा। इसके लिए जिलास्तरीय सीएसआर कमेटी बनाकर बैंक खाता नंबर जारी किया गया है, ताकि संबंधित कॉरपोरेट घराने इसमें राशि जमा कर दें। बैठक में डीडीसी विश्वनाथ माहेश्वरी, एडीसी सौरभ कुमार सिन्हा सहित कई कॉरपोरेट घरानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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