3000 फीट की ऊंचाई पर 'ट्री हाउस' का आनंद, दलमा बना देश का उभरता इको-टूरिज्म हॉट स्पॉट
दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी झारखंड का एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बन गया है, जिसने पिछले एक साल में 44,500 से ...और पढ़ें

दलमा में टॉप प्वाइंट पर बना हनुमान मंदिर का विहंगम दृश्य।
HighLights
दलमा बना देश का प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन।
एक साल में एक करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय।
कैनोपी वॉक, ट्री हाउस और धार्मिक स्थल प्रमुख आकर्षण।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड का गौरव और हाथियों के प्राकृतिक आवास के रूप में विश्व विख्यात दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी (Dalma Wildlife Sanctuary) अब केवल एक वन्यजीव अभयारण्य नहीं, बल्कि देश का एक प्रमुख इको टूरिज्म डेस्टिनेशन बन चुका है। अत्याधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के अनूठे संगम ने बीते एक वर्ष में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ जुटाई है।
इतिहास में पहली बार 1 करोड़ की आय
रोमांच और अध्यात्म का अनूठा संगम
मकुलाकोचा मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पिंड्राबेड़ा तक की यात्रा रोमांच से भर देने वाली है। यहां पर्यटकों के लिए कई विशेष आकर्षण केंद्र हैं:
- कैनोपी वॉक: झारखंड का पहला 25 फीट ऊंचा और 200 मीटर लंबा कैनोपी वॉक पर्यटकों को पेड़ों के ऊपरी छोर से प्रकृति को निहारने का मौका देता है।
- ट्री हाउस और बंबू हट: घने जंगलों के बीच बने बांस के घर और पेड़ों पर स्थित हट प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
- ट्राइबल म्यूजियम: मकुलाकोचा के पास बना यह म्यूजियम और थ्रीडी नेचर इनफार्मेटिक सेंटर आदिवासियों की समृद्ध संस्कृति और वन्य जीवन की जानकारी प्रदान करता है।
धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक दृश्य
आंकड़ों में दलमा का पर्यटन उछाल
वर्ष पर्यटकों की संख्या वार्षिक आय (लगभग)
2014-15 25,290 -
2025-26 44,500+ 96.53 लाख
पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण
यहां आने वाले सैलानी न केवल हाथियों के झुंड देखते हैं, बल्कि हिरण प्रजनन केंद्र, तितली पार्क और पालतू हाथियों के साथ समय बिताने का लुत्फ भी उठाते हैं। वन विभाग की इस पहल ने न केवल स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया है, बल्कि दलमा को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर मजबूती से स्थापित कर दिया है।
दलमा में लगातार बेहतर होती सुविधाओं के कारण पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। दलमा को इको-टूरिज्म का आदर्श मॉडल बनाना है, जहां पर्यटन के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिले। दलमा की बढ़ती लोकप्रियता न केवल पर्यटन को नई दिशा दे रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।
