दलमा में 'होम स्टे' की तैयारी: अब जंगल और गांव के बीच ठहरेंगे पर्यटक, उठा सकेंगे पारंपरिक खान-पान का लुत्फ
दलमा वन्यजीव अभयारण्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वन विभाग 'टूरिज्म विलेज' ...और पढ़ें

दलमा में सैलानियों के ठहरने के लिए इसी तरह का कॉटेज बनाए जाएंगे।
HighLights
दलमा में इको-टूरिज्म के लिए 'टूरिज्म विलेज' विकसित होंगे।
पर्यटक गांवों में होम स्टे का अनुभव ले सकेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों को स्वरोजगार और आय मिलेगी।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। दलमा वन्यजीव अभयारण्य (Dalma Wildlife Sanctuary) में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू की है। अब दलमा क्षेत्र में Tourism Village विकसित किए जाएंगे।
योजना के तहत पर्यटकों के लिए गांवों में होम स्टे (Home Stay) की शानदार सुविधा उपलब्ध होगी। पर्यटक शहरों की भागदौड़ से दूर घने जंगलों, पहाड़ों और प्राकृतिक वातावरण के बीच ग्रामीण जीवन का जीवंत अनुभव ले सकेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार और आय के नए रास्ते खुलेंगे। वन विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हाेगा।
डीएफओ बोले- जल्द शुरू होगा गांवों का सर्वे
दलमा के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सबा आलम अंसारी ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही एक विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर गांवों का चयन किया जाएगा।
इसमें इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा कि वैसा गांव जहां का वातावरण अनुकूल हो और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें। इन गांवों के लोगों को होम स्टे के संचालन के लिए वन विभाग द्वारा प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाएगा।
यहां रुकने वाले पर्यटक न सिर्फ ग्रामीण परिवेश को करीब से देख पाएंगे, बल्कि ग्रामीणों द्वारा चूल्हे पर तैयार पारंपरिक स्थानीय भोजन और संस्कृति का भी आनंद ले सकेंगे।
- मुख्य उद्देश्य: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन (Eco-Tourism) को बढ़ावा देना और लोगों को सीधे प्रकृति और स्थानीय संस्कृति से जोड़ना है।
पर्यटकों और ग्रामीणों को क्या होगा फायदा?
इस नई पहल से क्षेत्र को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है:
- रोजगार के नए अवसर: ग्रामीणों को अपने ही घर में रहकर आय का स्थायी और नया स्रोत मिलेगा।
- अनोखा अनुभव: पर्यटकों को केवल घूमने की जगह, अब घने जंगलों और शांत वादियों के बीच पारंपरिक जीवन जीने का मौका मिलेगा।
- सांस्कृतिक पहचान: स्थानीय संस्कृति, खान-पान, पारंपरिक वेशभूषा और लोक कलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
- पर्यटन का विस्तार: दलमा क्षेत्र में केवल वन भ्रमण के बजाय अब नाइट स्टे और लॉन्ग स्टे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
क्यों खास है दलमा वन्यजीव अभयारण्य?
जमशेदपुर के करीब स्थित दलमा अपनी अनूठी भौगोलिक और प्राकृतिक विशेषताओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है:
- हाथियों का सुरक्षित आशियाना: यह क्षेत्र एशियाई हाथियों के प्रमुख संरक्षित कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है।
- जैव-विविधता का केंद्र: यहां दुर्लभ वनस्पतियों, औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और वन्यजीवों का समृद्ध भंडार है।
- एडवेंचर और ट्रैकिंग: एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहां बेहतरीन ट्रैकिंग ट्रेल्स और नेचर वॉक की सुविधा उपलब्ध है।
दलमा की यह नई होम स्टे योजना प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया और यादगार डेस्टिनेशन साबित होने वाली है।
