चक्रवात 'अर्णव' का खतरा: टाटानगर-विशाखापत्तनम रेलखंड पर आपात राहत दल मुस्तैद, 600 किमी रूट पर वार रूम अलर्ट
चक्रवाती तूफान 'अर्णव' के खतरे को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने टाटानगर से दक्षिण भारत को जोड़ने वाले 600 किमी ...और पढ़ें

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वार रूम सक्रिय किए गए हैं और राहत सामग्री व तकनीकी उपकरण तैनात किए गए हैं।
HighLights
राहत वैगन, ट्री-कटिंग मशीनें और डीजल इंजन तैनात।
रेलवे पुलों की निगरानी, NDRF के साथ समन्वय।
जासं, जमशेदपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का असर तटीय इलाकों से टकराने से पहले ही साफ दिखने लगा है।
तटीय क्षेत्रों में घने बादलों, तेज आंधी और बिगड़ते मौसम के बीच रेलवे प्रशासन ने ट्रेन परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा की गई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद टाटानगर को दक्षिण भारत से जोड़ने वाले 600 किलोमीटर लंबे संवेदनशील रेल नेटवर्क पर आपातकालीन सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
600 किमी रेलखंड पर वार रूम सक्रिय
ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अशांत लहरों और तेज हवाओं के साथ चक्रवात का असर शुरू हो चुका है।
इसका सीधा प्रभाव टाटानगर से विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और चेन्नई जाने वाली रेल लाइनों पर पड़ रहा है।
दक्षिण तटीय (SCR) और पूर्व तटीय रेलवे (ECoR) के विजयवाड़ा तथा विशाखापत्तनम मंडलों में पटरियों, ओवरहेड (OHE) तारों और सिग्नलिंग सिस्टम की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
किसी भी आपात व्यवधान से निपटने के लिए रेलवे बोर्ड से लेकर जोनल व मंडल स्तर तक वार रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।
राहत वैगन, ट्री-कटिंग मशीनें और डीजल इंजन तैनात
विशाखापत्तनम, पलासा, पोंडुरू, कृष्णा कैनाल, बिट्रागुंटा और मामिडिपुडी स्टेशनों पर राहत सामग्री और तकनीकी उपकरणों से लैस स्पेशल वैगन मुस्तैद रखे गए हैं।
तेज हवाओं से ट्रैक पर पेड़ या खंभे गिरने की स्थिति में तुरंत मार्ग बहाल करने के लिए ट्री-कटिंग मशीनें, अर्थमूवर और बैकअप के तौर पर डीजल इंजन तैनात किए गए हैं।
एनडीआरएफ के साथ समन्वय, पुलों पर कड़ी नजर
रेलवे पुलों पर हवा की गति और जलस्तर की हर घंटे जांच की जा रही है। रेलवे प्रशासन राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। चक्रवात का वेग बढ़ने पर टाटानगर से दक्षिण की ओर चलने वाली ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने या उनके मार्ग में परिवर्तन करने पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा।
