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चक्रवात अर्णव का खतरा: जगन्नाथ धाम की यात्रा का बना रहे हैं प्लान? अभी टालें सफर, चिल्का में नौकायन पर रोक

Published: Mon, 26 Oct 2026 12:05 PM (IST)

चक्रवाती तूफान 'अर्णव' बंगाल की खाड़ी में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों ...और पढ़ें

भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने पुरी जाने की योजना दो से तीन दिन टालने की सलाह। (तस्वीर: सांकेतिक)

भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने पुरी जाने की योजना दो से तीन दिन टालने की सलाह। (तस्वीर: सांकेतिक)

HighLights

  1. चक्रवात अर्णव ओडिशा-आंध्र तट की ओर तेजी से बढ़ रहा।

  2. मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया।

  3. पुरी-चिल्का झील सहित पर्यटन स्थलों पर यात्रा प्रतिबंधित।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। अगर आप इन दिनों भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने पुरी जाने या ओडिशा के समुद्री तटों पर छुट्टियां बिताने की योजना बना रहे हैं, तो अपना सफर फिलहाल टाल दें। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्णव’ तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। 

इसका सीधा खतरा ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर मंडरा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तूफान की गंभीरता को देखते हुए 28 अक्टूबर को ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के करीब 24 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

समुद्र में उफान, चिल्का में बोटिंग पर पूरी तरह रोक

तूफान की आहट से ओडिशा के प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर सन्नाटा पसरने लगा है। राज्य के विख्यात पर्यटन स्थल चिल्का झील में पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए सभी प्रकार की नौका सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

इसके चलते डाल्फिन साइटिंग और कालीजाई मंदिर जाने वाले सैलानियों का प्रवेश थम गया है। पुरी के समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठने के कारण पर्यटकों के समुद्र में जाने पर पाबंदी लगा दी गई है और तट किनारे लाल झंडे लगा दिए गए हैं। राजधानी भुवनेश्वर के खुले ऐतिहासिक स्थलों और नंदनकानन चिड़ियाघर में भी आपदा प्रबंधन के कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

मंगलवार को और विकराल होगा चक्रवात

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवात फिलहाल विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर दूर गहरे समुद्र में केंद्रित है। सोमवार की मध्यरात्रि तक यह 'भीषण चक्रवाती तूफान' और मंगलवार तक 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' में तब्दील हो जाएगा।

तट से टकराने के दौरान 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और समुद्र में प्रचंड हलचल रहने का अनुमान है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं तटीय जिलों में एनडीआरएफ और राहत टीमों को तैनात कर दिया गया है।

होटल बुकिंग और ट्रेन यात्रा टालना ही समझदारी

तूफान के संभावित मार्ग को देखते हुए ईस्ट कोस्ट रेलवे के तटीय रेलखंड और भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर हवाई सेवाओं के प्रभावित होने के पूरे आसार हैं। आंधी और मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पेड़ गिरने और जलभराव के कारण यातायात बाधित हो सकता है।

ऐसे प्रतिकूल मौसम में पुरी के समुद्र तट, कोणार्क सूर्य मंदिर या भुवनेश्वर की यात्रा जोखिम भरी साबित हो सकती है। सैलानियों के लिए यही सलाह है कि वे अपनी बुकिंग आगे बढ़ा लें और मौसम सामान्य होने तक घर पर ही सुरक्षित रहें।

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