जमशेदपुर में चक्रवाती तूफान 'अर्णव' का असर: दिन में छाया अंधेरा, आंधी-बारिश के साथ जिले में हाई अलर्ट जारी
चक्रवाती तूफान 'अर्णव' के प्रभाव से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र में मौसम बिगड़ गया है, जहां दिन में ही अंधेरा ...और पढ़ें

प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर 28-29 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी बारिश, वज्रपात की चेतावनी दी है।
HighLights
28-29 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश और तेज हवाएं।
जिला प्रशासन मुस्तैद, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा।
जासं, जमशेदपुर। बंगाल की खाड़ी में तेजी से ताकतवर हो रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ का असर अब झारखंड के जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में साफ दिखने लगा है।
मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली, जिसके चलते शाम 3:30 बजे के बाद आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा नजारा हो गया।
हालात इतने बिगड़ गए कि सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को दिन में ही अपनी गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी। मौसम के इस अचानक बदलाव और आंधी-बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम समेत पूरे कोल्हान में अगले कुछ दिनों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। संभावित खतरे को देखते हुए जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
28 और 29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार, कोल्हान में चक्रवात का असर 30 अक्टूबर तक बना रहेगा। मंगलवार को क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया, जिसमें 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई।
इन दो दिनों के लिए विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। साथ ही गरज-तड़क, भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की आशंका है।
तूफान के प्रभाव को देखते हुए इस दिन भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां टूट सकती हैं, कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पेड़ों, बिजली के खंभों तथा होर्डिंग्स से दूर रहें।
निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, जिला प्रशासन अलर्ट
संभावित आपदा से निपटने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने नगर निकायों, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ), अंचल अधिकारियों (सीओ), थाना प्रभारियों और विद्युत विभाग के अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और कमजोर दीवारों को बचाने के लिए संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली गई है। संभावित बाढ़ या आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के वास्ते आश्रय स्थलों (Shelter Homes) को चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
इन स्थलों पर दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्रियां भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। विद्युत विभाग को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बिजली संबंधी दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
लगातार बारिश और तेज हवाओं से कृषि क्षेत्र पर भी बुरा असर पड़ सकता है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि खरीफ फसलों, विशेषकर धान और सब्जियों को भारी नुकसान हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में कहां सक्रिय है तूफान?
खेतों में पानी भरने से फसलें गिर सकती हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 'अर्णव' पश्चिम-मध्य और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय था।
सोमवार सुबह इसका केंद्र ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 550 किमी दक्षिण-पूर्व और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से करीब 580 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था।
यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है, जहां तटीय क्षेत्रों में हवा की अधिकतम गति 115 से 125 किमी प्रति घंटे (झोंकों के साथ 140 किमी प्रति घंटे) तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, झारखंड और कोल्हान में इसका सीधा असर तेज हवा, बारिश और वज्रपात के रूप में देखने को मिल रहा है।
प्रशासन की अपील: मौसम बिगड़े तो न लें जोखिम
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारियों पर नजर बनाए रखें।
