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Weather Update : चक्रवात अर्णब का असर हुआ कमजोर, अब चढ़ेगा पारा; बारिश से बेहाल रहे निचले इलाके

Published: Thu, 29 Oct 2026 09:26 PM (IST)

चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के अवशेषों से जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान में भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

मौसम विभाग के अनुसार, अब बारिश की तीव्रता कम होगी और अगले तीन दिनों में मौसम शुष्क होकर तापमान में वृद्धि होगी।

मौसम विभाग के अनुसार, अब बारिश की तीव्रता कम होगी और अगले तीन दिनों में मौसम शुष्क होकर तापमान में वृद्धि होगी।

HighLights

  1. चक्रवात अर्णब के अवशेषों से जमशेदपुर में भारी बारिश।

  2. निचले इलाकों में जलभराव, जुगसलाई अंडरपास में पानी भरा।

  3. बारिश कम होगी, अगले तीन दिनों में तापमान बढ़ेगा।

जासं, जमशेदपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के अवशेष (डीप डिप्रेशन) के असर से गुरुवार को लौहनगरी जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया। 
 
सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक लगातार मूसलाधार बारिश ने शहर के जनजीवन को बेपटरी कर दिया। इस दौरान जमशेदपुर में 58.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। 
 
जबकि सरायकेला-खरसावां जिले का कुकड़ू 88.4 मिमी बारिश के साथ पूरे राज्य में अव्वल रहा। लगातार पांच घंटे तक हुई इस झमाझम बरसात ने नगर निकायों के जलनिकासी के तमाम दावों की पोल खोल दी।
 
भारी बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। जुगसलाई रेलवे अंडरपास में तीन से चार फीट पानी भर जाने के कारण कई घंटों तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा। 
 
स्थानीय राहगीर विकास सिंह ने बताया कि अंडरपास में पानी भरने से कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो गईं, जिससे रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर काटना पड़ा।
 
बागबेड़ा की नया बस्ती, बड़ौदा घाट रोड और कदमा शास्त्रीनगर के निचले मोहल्लों की सड़कें पानी में डूब गईं। वहीं मानगो के संकोसाई, दाईगुट्टू, बिरसानगर और बर्मामाइंस के कई घरों में नालियों का गंदा पानी घुस गया। 
 
बागबेड़ा निवासी कन्हैया पांडेय ने प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नालों की नियमित सफाई न होने के कारण हर हल्की-फुहारी या तेज बारिश में उनके घरों में पानी घुस जाता है।
 
चक्रवात का असर केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमकर बदरा बरसे। पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में 82.6 मिमी, मुसाबनी में 78.6 मिमी, घाटशिला में 76.4 मिमी, डुमरिया में 76 मिमी और बहरागोड़ा में 63.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। 
 
इसके अलावा सरायकेला के नीमडीह में 67.2 मिमी वर्षा हुई। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी घंटों बाधित रही।
 
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना यह वेदर सिस्टम अब उत्तर की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ रहा है। 
 
शुक्रवार से कोल्हान में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी, हालांकि आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और छिटपुट हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।
 
आगामी तीन दिनों में मौसम के पूरी तरह शुष्क होने और अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। 
 
गौरतलब है कि गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण जमशेदपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।