जमशेदपुर, जासं। गूगल पर अलग-अलग कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर को हैक कर उसमें अपना नंबर डालकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का सरगना महेश पोद्दार की मुंबई और राकेश केशरी की कोलकाता में पुलिस तलाश रही है।

वहीं गिरफ्त में आए इनके सहयोगी गोविंदपुर निवासी राहुल कुमार मिश्रा, मानगो टीचर्स कॉलोनी निवासी धीरज शर्मा और मानगो समतानगर निवासी राकेश महतो से पुलिस को गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। गौरतलब है कि महेश पोद्दार के मानगो शंकोसाई आवास से 13 लाख रुपये, चेकबुक, कई बैंक की एटीएम कार्ड और लैपटाप जब्त किया गया गया था।

फर्जी कॉल सेंटर चलाते

गिरोह के सभी सदस्य शहर के विभिन्न इलाकों में स्थान बदल-बदल कर किराये पर फ्लैट लेकर बकायदा ऑफिस का संचालन करते है। फर्जी कॉल सेंटर चलाते है। सभी अलग-अलग मोबाइल और लैपटाप रखते है। ऑफिस से गुगल में फर्जी शापिंग वेबसाइट के माध्यम से ब्रांडेड कंपनी का मोबाइल, लैपटाप, चश्मा, कॉस्मेटिक सामान, कपड़ा, जूता का सस्ते दामों पर विज्ञापन डालकर आम आदमी से आर्डर लेते है और नकली सामान भेजकर रुपया रिकवरी के नाम पर एटीएम कार्ड नंबर, सीभीभी नंबर, यूपीआई लिंक भेजकर रुपये की ठगी करते रहे।

लालच देकर खुलवा लेते बैंक अकाउंट

गिरोह के सदस्य परिचित दोस्तों को नौकरी का प्रलोभन देकर सैलरी, पीएफ और फिल्ड वर्क के लिए रुपया देने का लालच देकर बैंक एकाउंट खुलवा लेते थे। सभी अकाउंट का दस्तावेज अपने पास रख लेते थे। पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक अपने पास रखकर ठगी का रुपया अकाउंट में डालकर रुपयों का निकासी कर लेते थे।

बैैंक अधिकारी बताकर ले लेते जानकारी

 ओएलएक्स एप डाउनलोड़ कर सामानों की खरीद व बिक्री के नाम पर आम लोगों को जो ओएलएक्स पर सामान बिक्री के लिए विज्ञापन डालते है उनके मोबाइल पर संपर्क कर सामान खरीदने के लिए अग्रिम पेमेंट के नाम पर आम लोगों से मोबाइल पर मनी रिक्वेस्ट क्यूआर कोड यूपीआइ लिंक के नाम पर लोगों से ठगी करते है। लोगों से मोबाइल और बैंक संबंधी विवरणी प्राप्त कर अपने आप को बैंक अधिकारी बता लोगों से आधार कार्ड से बैंक अकाउंट लिंक करने के नाम पर कार्ड वेरीफिकेशन के नाम पर आम लोगों का एटीएम कार्ड नंबर सीभीभी नंबर एवं ओटीपी प्राप्त कर अकाउंट से से रुपये की निकासी कर लेते थे।

गिरोह ने कुछ इस तरह से की ठगी

गिरोह ने बैंक अधिकारी बनकर एकाउंट की जानकारी लेकर, आधार कार्ड की जानकारी पूछकर, एटीएम कार्ड बदलकर, व्यापार का लालच देकर, लॉटरी में मोबाइल नंबर चयन के बहाने, मोबाइल टॉवर लगाने, वेबसाइट की डुप्लीकेट वेबासाइट बनाकर, हेल्पलाइन पर मदद के बहाने, फर्जी बहाने का लोन के बहाने, शापिंग वेबसाइट पर सामान खरीद के बहाने लोगों से ठगी की।

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