जमशेदपुर, जासं। कोविड 19 का सेकेंड वेब तेजी से झारखंड और लौहनगरी में फैलता जा रहा है। जिसके कारण चार टीएमएच क्लिनिक (एडीएमएच, सिदगोडा, साउथ पार्क व सोनारी) को बंद कर दिया गया है जबकि टीएमएच में फिजियोथैरेपी, ऑपरेशन व ईएनटी सहित अन्य सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। टाटा मेन हॉस्पिटल के मेडिकल एडवाइजर डा. राजन चौधरी ने शुक्रवार शाम टेली कांफ्रेंस के माध्यम से यह जानकारी दी।

बकौल डा. चौधरी, साकची, बारीडीह व कदमा में संचालित टीएमएच क्लिनिक पूर्व की तरह से खुले रहेंगे लेकिन यहां एक-एक डाक्टर ही मरीजों को देखेंगे। दंत चिकित्सा विभाग में इलाज व जांच दो अलग-अलग केबिन में होंगे। यहां भी ड्रिलिंग या इंजेक्शन की सेवा बंद की गई है। डाक्टर व पारा मेडिकल कर्मचारी पीपीई किट पहनकर ही मरीजों को देखेंगे। हालांकि टीएमएच प्राइम को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा रहा है। यहां बाहरी मरीजों को केवल डाक्टरी परामर्श का लाभ मिलेगा लेकिन एंडोस्कोपी सहित अन्य सुविधा नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि बिष्टुपुर साउथ पार्क स्थित टीएमएच क्लिनिक में एसिम्टोमैटिक मरीजों के लिए स्क्रीनिंग सेंटर सोमवार से खुल जाएगा। जहां बाहर से आने वाले मरीजों को घर पर आइसोलेशन में रहने के दौरान डाक्टरी परामर्श के बाद कौन-कौन सी दवा लेनी है, इसकी जानकारी दी जाएगी।

सोमवार से कार्यस्थल पर वैक्सीन

डा. चौधरी ने बताया कि सोमवार से कार्यस्थल पर वैक्सीन की सुविधा शुरू कर रहे हैं ताकि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों को जल्द से जल्द वैक्सीन दिया जा सके। इसके लिए टाटा स्टील के एचआर विभाग हमें बताएगी कि उन्हें किस विभाग में वैक्सीन देना है। पहले दिन 300 वैक्सीन के बाद वैक्सीन देने की संख्या को 1000 तक करेंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई मरीज खून को पतला करने के लिए दवा लेते हैं तो वे भी वैक्सीन ले सकते हैं। यदि वे वॉरफ्रैन जैसी दवा लेते हैं जो खून को पतला करता है तो उन्हें पहले डाक्टरी सलाह लेना आवश्यक होगा।

परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए बाहर से न बुलाएं

टीएमएच के स्वास्थ्य सलाहकार ने बताया कि टीएमएच के बेड की संख्या को एक निर्धारित क्षमता तक ही बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि डाक्टर व पारा मेडिकल स्टाफ भी सीमित हैं। इसलिए कोई भी कर्मचारी अपने परिवार के सदस्यों को बाहर या दूसरे राज्यों से इलाज के लिए टीएमएच लेकर न आएं। यदि बाहर से आना वाला मरीज ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट, कार्डियक, हाइपर टेंशन सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित है तो यह उनके लिए खतरनाक हो सकता है। डा. चौधरी ने बताया कि सेकेंड वेब से युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं लेकिन उनकी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भले ही संक्रमण से लड़ ले रही है लेकिन ऐसे युवा अपने परिवार में दादा-दादी सहित बुर्जुग को संक्रमित कर देते हैं जो उनके लिए नुकसानदेह साबित होता है।

एक अप्रैल से अब तक 10 मौत, सबसे कम उम्र 34 वर्ष

डा. चौधरी ने बताया कि टीएमएच में पहली अप्रैल से अब तक 10 मरीजों की मौत हो गई है। इनमें सबसे कम 34 और सबसे अधिक 73 वर्ष के मरीज थे। इसके अलावे केवल दो मरीजों की मौत कोविड संक्रमण व निमोनिया से हुई है जबकि बाकी मरीज दूसरी बीमारियों से ग्रसित होने के कारण उनकी मौत हुई है। मारने वाले पांच कर्मचारी तो अस्पताल में भर्ती होने के आधे घंटे से लेकर छह घंटे के भीतर ही मौत हो गई है।

मई तक कोविड का रहेगा प्रकोप

टाटा मेन हॉस्पिटल के मेडिकल एडवाइजर डा. राजन चौधरी।

डाक्टर चौधरी ने बताया कि कोविड 19 के दूसरे वेब का संक्रमण दो से तीन घंटे में ही संपर्क में आने वाले व्यक्ति को संक्रमित कर दे रहा है इसलिए सभी शहरवासियों से अपील है कि शहर से बाहर न जाएं, घर पर ही रहे। इससे उनके संक्रमित होने के संभावना कम रहेगी। वैवाहिक समारोह में भी जाते हैं तो दूसरे मेहमानों के बेहद करीब न जाएं। खुले में रहे और सभी से शारीरिक दूरी बनाकर रखे। इस संक्रमण को रोकने का एक ही इलाज है जल्द से जल्द वैक्सीन लें और सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार नियमित रूप से मास्क पहने, शारीरिक दूरी का पालन करें। बार-बार हाथ धोंए और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें।

Edited By: Rakesh Ranjan