जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : टाटा स्टील कंपनी परिसर में महिला ठेकाकर्मी लक्ष्मी सोरेन पर कथित तौर पर पूर्व प्रेमी बादल हांसदा द्वारा हमला कर उसकी हत्या कर देने के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। लक्ष्मी के परिजनों से एसएसपी कार्यालय की गोपनीय शाखा में इस बाबत बात रखी। साथ ही यह आपत्ति भी जताई कि लक्ष्मी की हत्या मामले में टाटा मुख्य अस्पताल के सुरक्षा पदाधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी क्यों की गई, जबकि परिजनों ने भी प्राथमिकी दर्ज करने को लिखित शिकायत की है।

परिजनों ने कहा है कि मामले में बिष्टुपुर थाना प्रभारी और मामले के अनुसंधान अधिकारी की जांच से उन्हें न्याय नहीं मिल सकता। इन्हें जांच से अलग रखकर किसी वरीय पुलिस अधिकारी से मौत प्रकरण की जांच कराई जाए।

शुक्रवार को लक्ष्मी के पिता गालूडीह केसरपुर निवासी मेघनाथ सोरेन ने वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय के गोपनीय शाखा में इस बाबत शिकायत की है। शिकायत पर घाटशिला के झामुमो विधायक रामदास सोरेन के हस्ताक्षर और मुहर हैं और इसमें विधायक ने समुचित कार्रवाई करने को कहा है। लक्ष्मी के पिता के साथ महावीर मुर्मू, प्रमोद लाल, सुनिल महतो, सागेन पूर्ति, श्यामल रंजन सरकार, दलगोविंद लोहरा समेत अन्य पहुंचे थे।

बताते चलें कि 15 फरवरी को कंपनी में लक्ष्मी सोरेन पर बादल हांसदा ने रॉड से सिर पर हमला किया था। टीएमएच में उसकी मौत 19 फरवरी को हो गई थी।

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परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी क्यों नहीं

परिजनों ने शिकायत में बताया कि लक्ष्मी के साथ घटित हुई घटना की सूचना बिष्टुपुर थाने को 15 फरवरी को ही मिल गई थी। पुत्री टीएमएच में दाखिल थी। पुत्र रामदास सोरेन अस्पताल में ही था। ऑपरेशन थियेटर जाने के समय तक पुत्री बोल पाने की स्थिति में थी। ऑपरेशन के बाद और स्थिति बिगड़ गई। उसे सीसीयू में दाखिल कर दिया गया। घटना के दिन से परिवार वालों की उपस्थिति के बावजूद अस्पताल के एक सुरक्षा पदाधिकारी रतन कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। घटना कंपनी के भीतर होती है। प्राथमिकी भी कंपनी परिसर के किसी प्राधिकृत व्यक्ति की ओर से किया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। 17 फरवरी को परिजन जब बिष्टुपुर थाना जाने पर बताया गया प्राथमिकी हो चुकी है। कहा गया कि पुलिस अपना काम कर रही है। आरोप लगाया कि परिजनों के बजाय किसी दूसरे को सूचक बनाकर प्राथमिकी दर्ज किया जाना एक साजिश है। आखिर परिवार वालों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई? बेटी की अस्पताल मे मौत के बाद बिष्टुपुर थाना में भी शिकायत दी गई थी।

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अब तक नहीं हुआ लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम

जासं, जमशेदपुर : लक्ष्मी सोरेन की मौत के बाद झामुमो ने मुआवजा के तौर पर 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग टाटा स्टील प्रबंधन के सामने रखी है इस अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। मुआवजा मिलने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। शव तीन दिन से अस्पताल की शीतगृह में रखा हुआ है।

Posted By: Jagran

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