जमशेदपुर, जासं।  मानगो के आवासीय कॉलोनी में नाबालिग से दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और उसे देह व्यापार के धंधे धकेलने के मामले में हाईकोर्ट ने सीआइडी टीम से 25 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है। इसके बाद से सीआइडी टीम एक बार फिर सक्रिय हो गई। सीआइडी डीएसपी और विभाग के अधिकारी शहर में कैंप किए हुए हैं। शनिवार को टीम के अधिकारियों ने दुष्कर्म पीडि़ता और उसे आश्रय देने वाले परिवार के लोगों से पूछताछ की। न्याय का भरोसा दिलाया।

पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता राजीव कुमार ने अदालत को बताया कि इस मामले में एक पूर्व मंत्री के भाई, डीएसपी अजय केरकेïट्टा, एमजीएम थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी सहित 19 सफेदपोशों के नाम आए हैं। इसकी वजह से जांच को लटकाया जा रहा है। मामले की जांच सीबीआइ से कराई जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीआइडी से स्टेटस रिपोर्ट की मांग की।

पीडि़ता ने की जगह की पहचान

जिन-जिन होटलों में पीडि़ता को देह व्यापार कराने वाले साथ ले गए थे, शनिवार को वहां-वहां टीम के अधिकारी उसे ले गए। उन स्थान की भी पहचान पीडि़ता ने की। साकची के नर्सिंग होम में जहां पीडि़ता काकई बार गर्भपात कराया गया था, वहां भी टीम गई। इसके साथ ही एमजीएम थाना, जहां उसके साथ तत्कालीन थाना प्रभारी और डीएसपी ने गलत कार्य किया था, वहां पर भी टीम गई। घटना की पूरी जानकारी पीडि़ता ने टीम को दी।

मां ने लगाई थी सीएम से गुहार

बता दें कि इससे पहले भी पुलिस टीम पीडि़ता को अपने साथ कई घटना स्थलों पर साथ ले गई थी, लेकिन जांच रफ्तार नहीं पकड़ पाई। पीडि़ता की मां ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से जांच की गुहार लगाई थी। सीएम ने इसकी जांच अगस्त 2018 को सीआइडी को सौंपते हुए एक माह में जांच पूरी करने का निर्देश दिया था। जांच के एक वर्ष बीत गए। मानगो पुलिस ने इंद्रपाल सिंह, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो को जेल भेजा था। पीडि़ता की मां की शिकायत पर 18 जनवरी, 2018 को मानगो थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। श्रीकांत महतो को जमानत मिल गई है। 

Posted By: Rakesh Ranjan

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