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चांडिल-कांड्रा सड़क पर प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों का बेखौफ परिचालन, गुस्साए ग्रामीणों ने रोका रास्ता

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:10 PM (IST)

चांडिल-कांड्रा सड़क पर भारी वाहनों के प्रतिबंध के बावजूद आवागमन जारी है, जिससे धूल और परेशानी बढ़ गई है। आक्रोशित ...और पढ़ें

प्रखंड कार्यालय जाने वाली बदहाल सड़क पर धूल का गुबार, राहगीर और स्थानीय लोग परेशान।

प्रखंड कार्यालय जाने वाली बदहाल सड़क पर धूल का गुबार, राहगीर और स्थानीय लोग परेशान।

HighLights

  1. प्रतिबंध के बावजूद चांडिल-कांड्रा सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन जारी।

  2. बदहाल सड़क पर उड़ती धूल से स्थानीय लोग और राहगीर परेशान।

  3. आक्रोशित ग्रामीणों ने भारी वाहनों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया।

जागरण संवाददाता, चांडिल। बदहाल चांडिल-कांड्रा सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन पर जिला प्रशासन के प्रतिबंध की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक संबंधी नोटिस बोर्ड लगाए जाने के बावजूद धड़ल्ले से बड़े वाहनों का आवागमन जारी है।

इससे सड़क पर धूल का गुबार उड़ रहा है और स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर आवागमन कर रहे भारी वाहनों को रोक दिया। देखते ही देखते सड़क पर दो दर्जन से अधिक वाहन खड़े हो गए। बड़ा सवाल यह है कि इसी सड़क पर प्रखंड सह अंचल मुख्यालय है।

बावजूद इसके जिला प्रशासन के आदेश की धज्जियां उड़ाया जाना लोगों के समझ से परे है। प्रतिबंध का नोटिस बोर्ड लगाए जाने के बाद भी सड़क पर वाहनों का बेखौफ परिचालन जारी रहना प्रशासनिक आदेश की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से उड़ती धूल के कारण लोगों का सड़क किनारे रहना और आवागमन करना मुश्किल हो गया है। उल्लेखनीय है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं।

इसी सड़क के किनारे बीआरसी, अग्निशमन विभाग, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और चैनपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाली दूर नहीं की जा रही है।

अच्छी सड़क पर खर्च, बदहाल हिस्से को छोड़ दिया

चांडिल-कांड्रा सड़क के मरम्मत कार्य के लिए करीब नौ करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन आरोप है कि संवेदक ने सड़क के अपेक्षाकृत अच्छी स्थिति वाले हिस्सों में भी काम कराया, जबकि जहां सड़क की हालत सबसे खराब थी, उन हिस्सों को यथावत छोड़ दिया गया।

बाद में राशि समाप्त होने की बात कहकर संवेदक अपनी मशीनें और वाहन लेकर चला गया। इससे सड़क का महत्वपूर्ण हिस्सा अब भी बदहाल है। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण के लिए दोबारा राशि निर्गत करने की प्रक्रिया चल रही है।

हालांकि, ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क की सबसे अधिक जरूरत वाले हिस्से का निर्माण ही नहीं हुआ तो पूर्व में खर्च की गई राशि का उपयोग किस आधार पर किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने और धूल से राहत के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की है।

जप्त किए जाएंगे वाहन : डीटीओ

प्रतिबंध के बावजूद अगर सड़क पर भारी वाहन का परिचालन हो रहा है तो, यह गंभीर विषय है। जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामड़ ने कहा कि सड़क पर परिचालन करते वाहन पकड़े जाने पर वाहनों को जप्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, चांडिल के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि सड़क पर भारी वाहनों का परिचालन नहीं हो रहा है।