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चांडिल के गैलेक्सी स्‍टील प्लांट में फटा बाॅयलर, खौलते लोहे की चपेट में आकर दो मजदूर गंभीर रूप से झुलसे

Published: Tue, 16 Jun 2026 10:50 PM (IST)

चांडिल के गैलेक्सी इंगोट प्लांट में मंगलवार को बायलर फटने से दो कर्मचारी खौलते लोहे की चपेट में आकर गंभीर ...और पढ़ें

एआई द्वारा तैयार किया गया ग्राफिक्‍स।

एआई द्वारा तैयार किया गया ग्राफिक्‍स।

HighLights

  1. गैलेक्सी इंगोट प्लांट में बायलर फटने से हादसा।

  2. तकनीकी खराबी से 'स्टीम एक्सप्लोजन' हुआ।

संवाद सहयोगी, चांडिल। चांडिल थाना क्षेत्र के भुंईयांडीह स्थित गैलेक्सी इंगोट प्लांट में मंगलवार दोपहर तकनीकी गड़बड़ी के कारण जोरदार धमाके के साथ विशाल बायलर (फर्नेस) फट गया। 
 
इस दुर्घटना में भट्टी के ठीक पास काम कर रहे दो कर्मचारी खौलते हुए तरल लोहे (लावे) की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि पूरा औद्योगिक इलाका दहल उठा। 
 
देखते ही देखते प्लांट के भीतर चीख-पुकार मच गई और दहशत के कारण अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। 
 
हादसे के फौरन बाद कंपनी प्रबंधन द्वारा दोनों गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए जमशेदपुर के टीएमएच (टाटा मेन हॉस्पिटल) के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। 
 
डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायलों की पहचान बिहार के अरवल जिले के रहने वाले पुजारी शर्मा और भागलपुर निवासी बादल विश्वकर्मा के रूप में की गई है। 
 

पलक झपकते ही भट्टी से बाहर आ गया खौलता लावा 

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, दोपहर के समय भट्टी में कबाड़ (स्क्रैप) को पिघलाने का काम जोरों पर चल रहा था। तभी अचानक बायलर के वाटर कूलिंग सिस्टम की पाइपलाइन में लीकेज हो गया। 
 
इस लीकेज की वजह से पानी सीधे भट्टी के भीतर 1500 डिग्री सेल्सियस पर उबल रहे खौलते लोहे में जा मिला। पानी के संपर्क में आते ही पलक झपकते ही भयानक 'स्टीम एक्सप्लोजन' (भाप का विस्फोट) हुआ। 
 
धमाके के साथ ही भट्टी से खौलता हुआ तरल लोहा और आग का गुबार एक तेज झटके के साथ बाहर की तरफ उछला। ठीक उसी वक्त वहां मुस्तैद पुजारी शर्मा और बादल विश्वकर्मा बुरी तरह झुलस कर दर्द से तड़पने लगे। 
 
इस खौफनाक मंजर को देखकर प्लांट में काम कर रहे अन्य मजदूरों में भगदड़ मच गई। पूरे प्लांट में काले धुएं का गुबार छा गया और काम पूरी तरह ठप हो गया।
 

इंसाइड स्टोरी: आखिर क्यों और कैसे फटा बायलर?  


क्या होता है इंगोट प्लांट? 

इंगोट प्लांट एक ऐसी औद्योगिक इकाई होती है, जहां लोहे के कबाड़ (स्क्रैप) और अन्य कच्चे माल को विशाल भट्टी में लगभग 1500 से 1600 डिग्री सेल्सियस के अत्यधिक उच्च तापमान पर पिघलाया जाता है। 
 
इसके बाद इस तरल लोहे को विशेष सांचों में ढालकर ठोस ब्लॉक (इंगोट) तैयार किए जाते हैं, जिनका उपयोग आगे चलकर छड़ या अन्य स्टील सामग्री बनाने में होता है।


विस्फोट के पीछे का विज्ञान (स्टीम एक्सप्लोजन): 

लोहे को पिघलाने वाली इन विशाल भट्टियों को बाहरी अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए इनके चारों ओर वाटर कूलिंग सिस्टम (पानी की ठंडी पाइपलाइन या जैकेट) लगी होती है। चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार इसी पाइपलाइन में लीकेज हुआ था।

जब पानी गलती से भट्टी के भीतर मौजूद 1500 डिग्री के खौलते लोहे के संपर्क में आता है, तो वह एक मिलीसेकंड के भीतर ही भाप (Steam) में बदल जाता है। 
 
विज्ञान के नियमानुसार, भाप बनते ही यह पानी अपने वास्तविक आयतन (Volume) से 1600 गुना अधिक फैल जाता है। भट्टी के बंद और संकीर्ण दायरे के भीतर इस अचानक और असीमित फैलाव के लिए जगह नहीं होती, जिससे वहां अत्यधिक दबाव बनता है। 
 
इसे ही वैज्ञानिक भाषा में 'स्टीम एक्सप्लोजन' कहा जाता है। इसी दबाव के कारण गैलेक्सी प्लांट का बायलर बम की तरह फट गया।हादसे की भयावहता को देखते हुए चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। 
 
पुलिस प्रबंधन की सुरक्षा कमियों और तकनीकी रखरखाव की बारीकी से जांच कर रही है। जिला प्रशासन और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।