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चैंबर ने किया कृषि उपज पर कर लगाने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह Jamshedpur News

चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि बाजार समिति टैक्स लगने से पुनः भ्रष्टाचार इंस्पेक्टर राज कायम हो जायेगा।

By Vikas SrivastavaEdited By: Published: Thu, 04 Jun 2020 10:48 PM (IST)Updated: Fri, 05 Jun 2020 09:43 AM (IST)
चैंबर ने किया कृषि उपज पर कर लगाने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह Jamshedpur News
चैंबर ने किया कृषि उपज पर कर लगाने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह Jamshedpur News

जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को रांची में मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन व कृषि मंत्री बादल चित्रलेख से मुलाकात की।

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कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्‍ठ के कोल्हान प्रभारी धर्मेंद्र सोनकर के साथ चैंबर प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री बादल चित्रलेख से उनके रांची स्थित कार्यालय में मिलकर कृषि उपजों पर बाजार समिति कर लगाने के सरकार के विचार पर व्यापारियों के पक्ष को रखते हुए एक ज्ञापन सौंपा। 

बाजार समिति टैक्‍स से इंस्‍पेक्‍टर राज की जताई आशंका 

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया गया कि बाजार समिति टैक्स लगने से पुनः भ्रष्टाचार, इंस्पेक्ट राज कायम हो जायेगा। अगल-बगल के राज्यों में कृषि उपजों पर कोई कर नहीं है। बाजार समिति के व्यापारी तो कर जोड़ कर माल बेचेंगे जबकि 80% व्यापार बाज़ार समितियों से बाहर होता है वे स्वतन्त्र रहेंगे। सत्यनारायण अग्रवाल ने बताया कि बाजार समिति टैक्स के रूप में वसूली गई राशि नाम मात्र की होती है। उस पर भी राज्य सरकार का सीधा अधिकार नहीं होता। मंत्री को बताया गया कि गठन के 60वर्षो बाद भी आज तक राज्य की किसी बाजार समिति में पेयजल नहीं है। जो चापाकल है भी उसका पानी पीने के लायक नहीं है। शौचालय नहीं हैं। सड़कें, दुकानें गोदाम जर्जर हो चुके हैं।

बाजार समिति की दुकानों को लीज पर देने की रखी मांग 

सदस्‍यों ने कहा कि राज्य सरकार वास्तव में बाजार समितियों का विकास करना चाहती है तो अन्य राज्यों की तरह बाजार समितियों की दुकानें व्यापारियों को लीज पर दे दी जाय। दुकानों की छतों पर घर बनाने की अनुमति भी दी जानी चाहिए। किसानो के विकास के लिए स्मार्ट कृषि विकास केन्द्र,विश्राम भवन, मजदूरों के लिए आवास, क़ृषि उपज के उचित मुल्य दिलाने के प्रयास किये जाएं। दुकान भाड़े में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए। मंत्री ने बहुत ध्यान से चैम्बर की बातों को सुना एवं कहा कि विचार-विमर्श हो रहा है कि बाजार समितियों का विकास कैसे हो।

राज्य में राजस्व कैसे वृद्धि हो टैक्स लगाने की बातों से घबराने की जरूरत नहीं है। मैं स्वंय पंजाब, गुजरात की बाजार समितियों का भ्रमण करूंगा। झारखंड की बाजार समितियों को देखूंगा। व्यापारियों के संगठनों के साथ बात की जाएगी तब कोई निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, इंस्पेक्टराज के स्थापना नहीं होगी उन्होंने ऐसा आश्वाशन दिया। प्रतिनिधि मंडल में अशोक भालौटिया अध्यक्ष, सुरेश सांथोलिया पूर्व अध्यक्ष, विजय आनंद मुनका, नितेश धूत, दिनेश चौधरी उपाध्यक्ष, सत्यनारायण अग्रवाल मुन्ना, महेश सांथोलिया सचिव शामिल थे।


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