जमशेदपुर, जासं। झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बिल्ला ने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे पर बड़ा हमला बोला है। तख्त श्री हरमंदिर के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह के बयान पर बिल्ला का कहना है कि सभी झूठे और यह अपराधी सच्चा हो गया।

सिख संगत की ओर से झारखंड से प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला और उपाध्यक्ष शमशेर सिंह सोनी ने कहा है कि सिखों के पांचों महान तख्त और जत्थेदार के शान में गुस्ताखी कोई करे, यह किसी भी सच्चे सिख को मंजूर नहीं है।

गुरमुख सिंह तो बहरूपिया है। उसे पंथिक इतिहास, शौर्य, सिद्धांत, बलिदान, प्रेरणा और विरासत की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है। जत्थेदार तो कौम के पहरेदार होते हैं। वह परमपिता परमेश्वर और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सिवाए किसी के आगे झुकते नहीं हैं। वे न्याय, सत्य और सच के साथ खड़े रहते हैं। मुखे और उसके प्रबंधक इतिहास पढ़ लें, जत्थेदार के आगे महाराणा रंजीत सिंह हो या नवाब, अंग्रेज वायसराय या मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री सभी झुकते हैं। वह इसलिए उनके प्रति श्रद्धा रखते हैं क्योंकि वह न्याय के प्रतीक होते हैं और झूठ के खिलाफ खड़े होते हैं।

चोर को सारे चोर नजर आते हैं

पटना तख्त श्री हरमंदिर साहिब के जत्थेदार सिंह साहब ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर ए मसकीन के बारे में गुरमुख सिंह द्वारा यह बयान देना कि वह किसी के दबाव में आकर एकपक्षीय कार्रवाई कर रहे हैं। वास्तव में चोर को सारे चोर नजर आते हैं। उसे अच्छाई कहां से नजर आएगी। बिल्ला और सोनी के अनुसार गुरमुख सिंह को बिल्ला गलत नजर आता है। पुलिस एवं पुलिस का अनुसंधान गलत नजर आता है। उसे तख्त एवम जत्थेदार गलत नजर आते हैं। सेवादार महेंद्र सिंह भी गलत नजर आता है। पुलिस ने अनुसंधान कर गुरमुख सिंह को जेल भेजा। गुरमुख सिंह अपनी करनी के कारण पद से हटाया गया।

सिखी और सीजीपीसी को दाग नहीं लगाए

गुरमुख सिंह के दागदार छवि एवं आपराधिक चरित्र के सहारे सोनारी, टीनप्लेट एवं अन्य इलाके के प्रधान अपने इलाके की संगत को दबा रहे हैं,डरा रहे हैं। यह प्रबंधक वास्तव में कौम और संगत के सेवादार हैं तो गुरमुख सिंह को साफ कहें कि वह पद त्याग करें और पद से हट जाएं। सिखी और सीजीपीसी को दाग नहीं लगाए। प्रबंधक खुद अपना कार्यवाहक प्रधान चुन लें जो चुनाव होने तक पंथ की सेवा करें। जमशेदपुर में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में बहुत सारे अच्छे सज्जन हैं जिनकी बेदाग छवि है और संगत में बहुत मान सम्मान है। उन्हें जिम्मेदारी दी जा सकती है। बिल्ले एवं सोनी ने कहा कि वे पद की लालसा नहीं रखते हैं। परंतु तख्त से जत्थेदार ने जो आदेश दिया है वह उस पर पहरा देंगे और उसके लिए जो भी कीमत अदा करनी पड़ेगी वे उठाएंगे लेकिन पीछे नही हटेंगे।

Edited By: Rakesh Ranjan