जमशेदपुर, जासं। सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) में विवाद है कि थमने का नाम नहीं ले रहा।पिसीजीपीसी के प्रधान महेंद्र सिंह की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं। महेंद्र सिंह नामदा बस्ती के प्रधान हैं। उनकी नियुक्ति को गलत बताया जा रहा है।

पिछले दिनों ही सीजीपीसी के सलाहकार पद को लेकर उस समय विवाद उभरा जब एक ओर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किसान आंदोलन को लेकर साकची गोलचक्कर पर धरना -प्रदर्शन हो रहा था तो दूसरी ओर सीजीपीसी के सलाहकार मनजीत सिंह गिल कुछ सदस्यों को भाजपा में सदस्यता दिला रहे थे। इससे नाराज सीजीपीसी के अधिकारियों ने मनजीत से स्पष्टीकरण मांगते हुए पद से निष्कास‍ित करने की चेतावनी दी तो मनजीत ने खुद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मामले को तूल पकड़ता देख सीजीपीसी बैकफुट में आई और मनजीत के निष्कासन को वापस ले लिया।

नए विवाद ने लिया जन्‍म

लेकिन अब एक नया विवाद जन्म लिया है और सीजीपीसी के प्रधान महेंद्र सिंह की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं। महेंद्र सिंह नामदा बस्ती के प्रधान हैं। पिछले दिनों ही संगत ने महेंद्र सिंह को तीसरी बार प्रधान के रूप में प्रतिनियुक्त किया तो यहां के गुरमत प्रचार सेंटर के सुखविंदर सिंह टोनी ने सीजीपीसी को खुला पत्र सौंपकर पूरी नियुक्‍ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। सुखविंदर सिंह का आरोप है कि सीजीपीसी के नियम के तहत कोई भी तीसरी बार प्रधान नहीं बन सकता।

ये लगाए गंभीर आरोप

सुखविंदर सीजीपीसी के समन्वयक दलबीर सिंह दल्ली को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि महेंद्र सिंह ने अपने कुछ रिश्तेदारों के बल पर माला पहनकर खुद को प्रधान घोषित करवा लिया जबकि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। सुखविंदर ने महेंद्र सिंह के प्रधान पद पर प्रतिनियुक्ति मामले की निष्पक्ष जांच कर चुनाव को निरस्त करने की मांग की। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि सीजीपीसी का प्रधान वही बन सकता है जो किसी गुरुद्वारे का प्रधान हो। लेकिन महेंद्र सिंह के गुरुद्वारा प्रधान बनने पर ही विवाद उठ गया है।

उठ रहे ये सवाल

अब सवाल उठता है कि क्या सीजीपीसी इस विवाद को सुलझाने के लिए नए सिरे से नामदा बस्ती गुरुद्वारा में प्रधान का चुनाव कराती है या हर विवाद को सुलझाने वाला सीजीपीसी खुद इस मामले को दबाने का प्रयास करेगी। ताजुब्ब की बात है कि इस पूरे मामले में सीजीपीसी के चेयरमैन भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। 

Edited By: Rakesh Ranjan