जमशेदपुर : बैंक ऑफ इंडिया के मानगो शाखा में उस समय हड़कंप मच गया, जब अपराधियों ने फिल्मी स्टाइल में सीबीआई अधिकारी बन डकैती को अंजाम दिया और बैंक की मुख्य गेट पर ताला लगाकर चलते बने। जानकारी पुलिस मौके पर पहुचीं। बैंक के कर्मचारियों और ग्राहको से पुलिस पूछताछ कर रही है। एक महिला ग्राहक ने बताया वह अपने पति के साथ बैंक पहुची।

गेट पर दो लोग खड़े थे। गेट खोलकर अंदर कर दिया। मोबाइल देने को कहा और चुपचाप बैठ जाने की धमकी दी। खुद को सीबीआइ का अधिकारी बता रहे थे।सभी के हाथों में हथियार थे। 15 मिनट में घटना को अंजाम देकर अपराधी बैग लेकर निकल गए। जानकारी पर बैंक के बाहर लोगी की भीड़ लग गई।

लोगों ने बताया कि लूट के बाद बंदूक लहराते हुए चारों डकैत बाहर आए और बैंक का शटर बाहर से लगाकर फरार हो गए। हालांकि अभी तक पुलिस को यह पता नहीं चल सका है कि लूट कितने रुपयों की हुई है। घटना के बाद कर्मचारियों से लेकर ग्राहकों तक भय व्याप्त है। वहीं, घटना की जानकारी पाकर जिले के एसएसपी, एसपी घटनास्थल पर पहुंचे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

13 अगस्त को भी नकली सीबीआई बन सिदगोड़ा में डकैती करने की थी तैयारी

बालीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘स्पेशल 26’ तो आपने देखी ही होगी। इस फिल्म में लुटेरों ने सीबीआई की नकली टीम बनाई और कई व्यापारियों के घर पर छापेमारी कर उनके घर से नकद और गहने लेकर फरार हो गए। लेकिन यह कहानी अब सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं रही। ऐसी ही एक घटना तीन अगस्त को सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में देखने को मिली थी, जहां कुछ शातिर फर्जी जांच अधिकारी बन बारीडीह के एक ठेकेदार के घर छापेमारी करने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि टीम की मंशा सफल नहीं हो पाई।

फर्जी छापेमारी करने की तैयारी कर रही टीम को सूचना मिली थी कि बारीडीह के एक सिविल ठेकेदार अपने घर 1000 करोड़ छुपाकर रखा हुआ है। टीम को यह आशंका थी कि रुपए जमीन में गाड़कर रखा गया है। इसी सूचना पर टीम ठेकेदार के घर जाने की तैयारी कर रही थी, तभी गिरोह के दो सदस्य न्यू बारीडीह के पा डीएस क्वार्टर गेट के पास मंगलवार देर रात पुलिस के हत्थे चढ़ गए। लेकिन टीम के अन्य 18 लोग भागने में सफल रहे। सभी दो पिकअप वैन, कार व अन्य दूसरे वाहन के साथ फर्जी छापेमारी करने की तैयारी कर रहे थे।

पकड़े गए गिरोह के सदस्य में राजकुमार और मो. मुस्तकीम थे। राजकुमार मूलरूप से बिहार के पटना जिले खांजेकला थानाक्षेत्र का निवासी है। वर्तमान में वह उलीडीह थाना क्षेत्र के डिमना रोड स्थित राजीव पथ निवासी दीपक कुमार के किराये के एक मकान में रह रहा था। उसके सहयोगी का नाम मो. मुस्तकीम है। वह झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के ओलेपाट का रहने वाला है। उसके विरुद्ध बड़कागांव रेल थाना में एक आपराधिक मामला पूर्व में दर्ज है। वह चोरी मामले में जेल जा चुका है।

साथ में रखते थे मोबाइल जैमर

पकड़े गए अपराधियों ने बताया कि वह अक्षय कुमार की फिल्म ''स्पेशल 26'' से प्रेरित होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। इसके लिए वह ईडी व सीबीआइ के अधिकारी तक के फर्जी परिचय पत्र भी बनाकर रखते थे। छापेमारी करने समय खुद को एसपी, डीएसपी बता शिकार को धमकाते थे और हथियार का भय दिखाकर लूटपाट कर नौ दो ग्यारह हो जाते थे।

गिरोह पूरी तैयारी के साथ किसी के घर में जा धमकता था। उनके पास हथियार तो होते ही थे, साथ ही मोबाइल जैमर से लेकल सब्बल तक अपने पास रखते हैं। गिरोह के सभी सदस्यों की ड्यूटी बंटी हुई थी। किसे क्या करना है, सभी को अच्छी तरह पता होता था। हो सकता है गुरुवार को मानगो के बैंक आफ इंडिया में हुई डकैती में इसी गिरोह का हाथ हो।

Edited By: Jitendra Singh