जमशेदपुर, जासं।  झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा गोबरघुसी शेल्टर होम से भागी दोनों नाबालिग को पुलिस ने जमशेदपुर के टेल्को स्थित मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट से शुक्रवार को बरामद कर लिया। इनमें एक डुमिरया और दूसरी बोड़ाम की रहनेवाली है।

दोनों को पुलिस-प्रशासन की टीम गोबरघुसी शेल्टर होम ले गई। नाबालिग की बरामदगी से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है दोनों नाबालिग गुरुवार सुबह बाथरूम जाने का बहाना बनाकर भाग निकली थी। दोनों पटम्दा से जमशेदपुर कैसे पहुंची और किसकी मदद से ट्रस्ट में वापस आई। यह जांच का विषय है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। दोनों नाबालिग सुबह शेल्टर होम से भाग निकली थी। दोनों की बरामदगी को लेकर पुलिस प्रयास थी। आसपास के कई क्षेत्रों को खंगाला गया था। काेई अता-पता नहीं चल पाया था। भागने वाली दोनों नाबालिग समेत 39 बच्चों को जमशेदपुर के टेल्को स्थित मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट से 11 जून को गोबरघुसी शेल्टर होम में स्थानांतरित किया गया था।

लगाए थे गंभीर आरोप

इससे पहले प्रताड़ना से तंग आकर बागबेड़ा और आदित्यपुर की नाबालिग टेल्को स्थित मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट परिसर से भाग निकली थी। पुलिस ने सात जून को काफी मशक्कत के बाद बिरसानगर से बरामद किया था। दोनों नाबालिग ने ही ट्रस्ट के संचालक हरपाल सिंह थापर, पुष्पा रानी तिर्की, गीता देवी, आदित्य सिंह, टोनी डेविड समेत अन्य पर प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए टेल्को थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को मध्यप्रदेश के सिंगरौली के माडा इलाके से मंगलवार को ट्रस्ट के संचालक हरपाल सिंह थापर, पुष्पा रानी तिर्की, गीता देवी और उसके पुत्र आदित्य सिंह को जमशेदपुर की पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया था। सभी को बुधवार को जमशेदपुर लेकर पुलिस पहुंची थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।

Edited By: Rakesh Ranjan