जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। झारखंड के जमशेदपुर की कंपिनयों में बोनस का दौर जारी है। बारी-बारी से समझौते हो रहे हैं। सबसे पहले टाटा स्टील में बोनस समझौता हुआ। इसके बाद जमशेदपुर की सबसे बडी कंपनी टाटा मोटर्स में भी समझौता मुकम्मल हो गया। अबतक आधा दर्जन कंपनियों में समझौता हो चुका है। अन्य कंपनियों में बोनस पर बातचीत का दौर जारी है। सोमवार को टीएसडीपीएल में बोनस पर बात बनी। कंपनी में वार्ता में 17 प्रतिशत बोनस पर समझौता। कंपनी में 300 कर्मचारी हैं।

 समझौते के मुताबिक कर्मचारियों को अधिकतम 79,746 रुपये और न्यूनतम 45,682 रुपये मिलेंगे। बोनस की राशि चार अक्टूबर तक कर्मचारियों के बैंक के खाते में भेज दी जायेगी। य़ह समझौता जमशेदपुर के अलावा कोलकाता, कलिंगनगर, फरीदाबाद, चेन्नई, पंतनगर और जमशेदपुर के लोकेशन के कर्मचारियों के लिए भी लागू होगा। फार्मूला के अनुसार बोनस 16.80 प्रतिशत बन रहा था। लेकिन प्रबंधन ने इसे राउंडअप कर 17 प्रतिशत कर दिया। समझौते पर प्रबंधन की ओर से एमडी अब्राहम स्टीफेंस, जीएम अश्विनी कुमार, चीफ एचआर-आईआर शुभमॉय मजुमदार, हेड एचआर-आईआर शेखर झा, सीनियर मैनेजर मुकुंद भट्ट और यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, महामंत्री अमन, त्रिदेव सिंह, एसबी राणा, दिनेश कुमार, सच्चिदानंद सिन्हा, अनीस झा, संजीव कुमार सिंह, रमेश चौधरी, शशि भूषण मिश्रा, प्रमोद उपाध्याय, उपेंद्र राय, राजेश कुमार और रंजन मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।

विपक्ष ने साधा निशाना

बोनस समझौते पर यूनियन के पूर्व कोषाध्यक्ष केएस तिवारी ने कहा कि यूनियन ने एमडी को नाराज किया। उन्होंने 16 सितंबर के शहर प्रवास के दौरान ही 17 प्रतिशत बोनस का प्रस्ताव दिया था। जब 17 प्रतिशत पर ही समझौता करना था तो उनकी उपस्थिति में ही उस दिन क्यों नहीं किया।

Edited By: Rakesh Ranjan