जमशेदपुर, जासं। जामताड़ा के विधायक डा. इरफान अंसारी मंगलवार को शहर आए थे। यहां इन्होंने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व धनबाद के संगठन प्रभारी अभय सिंह को बाहरी व्यक्ति कहा था। इस पर अभय सिंह ने कहा कि यदि मैं बाहरी हूं तो डा. इरफान अंसारी पाकिस्तानी हैं। बाहरी- भीतरी का गंदा खेल खेलने के लिए आप यहां आए थे। आखिर किसने आपको आमंत्रित किया। इस तरह का उलूल-जुलूल बयान देना क्या यही कांग्रेसी संस्कृति है। आप इतने बड़े पर्व के मौके पर अपने जामताड़ा क्षेत्र की जनता को छोड़कर जमशेदपुर किस मकसद से आए हैं।

काशीडीह स्थित कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अभय सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और सरकार इसकी जांच करे कि जामताड़ा के विधायक यहां किस मकसद से आए हैं। इनके आने की सूचना के कारण ही शहर में पाकिस्तान का झंडा लेकर मुस्लिम युवा मोटरसाइकिल में प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जोर जबरदस्ती की। इसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। मैं आपसे पूछना चाहता हूं हरे रंग में चांद और सितारे लगे जो झंडे थे, उसका वीडियो वायरल हो रहा है। उपायुक्त कार्यालय के सामने में भी मोटरसाइकिल में वह झंडा देखा गया।

इस्लाम में काले रंग का महत्व है तो हरा कहां से आ गया

क्या आप बताना चाहेंगे कि इस झंडे का कुरान में, मदरसे में या इस्लाम में कहीं जिक्र है। इस झंडे का इस्तेमाल केवल मोहम्मद अली जिन्ना के नेतृत्व में राजनैतिक कारणों से 1906 में मुस्लिम लीग का गठन कर किया गया था। यह झंडा भारत की एकता अखंडता एवं संप्रभुता को विखंडित करने के उद्देश्य को लेकर बनाया गया था। 1947 की आजादी के बाद मुस्लिम लीग के कहने पर धर्म के नाम पर देश का बंटवारा हुआ। उस झंडे को पाकिस्तान ने केवल सफेद बगल में स्क्रिप्ट मुस्लिम लीग के झंडे को ही पाकिस्तान का झंडा बना दिया। मुस्लिम लीग के इस झंडे को पाकिस्तान के प्रथम राष्ट्रपति ने अपने देश का झंडा माना। जिस झंडे का इस्तेमाल कर देश का बटवारा हुआ, उस झंडे को फहराना या मोटर साईकिल में लेकर घूमना यह भारत के संविधान, स्वतंत्रता और संप्रभुता का उल्लंघन है। इस्लाम में हरा नहीं, बल्कि काला रंग अधिक अहमियत रखता है। हजरत मोहम्मद साहब को भी काला रंग ज्यादा पसंद था, तभी उनका नाम काली कमली वाले भी है। हजरत मोहम्मद साहब काला अमामा पहनते थे। इसके साथ ही काबा शरीफ पर गिलाफ भी काले रंग का ही है। हजरत मोहम्मद साहब जब काबे में दाखिल हुए थे तो उनके हाथों में हरा नहीं बल्कि शांति और अमन का निशान सफेद झंडा लहरा रहा था। हरा नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट में मिल चुकी झंडे को चुनौती

अभय सिंह ने कहा कि शिया यूपी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद वसीम रिजवी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें इस चांद-तारे वाले झंडे के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह झंडा ना ही किसी मदरसे का है ना ही इस्लाम का है और ना ही यह धर्म का है। इस झंडे का प्रयोग केवल मोहम्मद अली जिन्ना ने अपनी राजनीतिक पार्टी का गठन कर देश की आजादी के पूर्व में किया था। देश का बंटवारा हुआ। इसके बाद इस झंडे को पाकिस्तान ने अपना लिया। इस देश में कुछ ऐसे शरारती तत्व हैं, जो इस झंडे को लहराकर पाकिस्तानी प्रेम को दर्शाने का प्रयास करते रहते हैं। यह झंडा लगाना, फहराना, लेकर घूमना बिल्कुल ही अपराध है। अब डा. इरफान अंसारी बताएं कि इस झंडे का इस्तेमाल ईद ए मिलाद के त्योहार में किया जाना गलत था या सही। अगर इस झंडे का इस्लाम से कुरान से मदरसे से कहीं भी ताल्लुकात है तो वह भी जिला प्रशासन को पूरे साक्ष्य के साथ बताएं।

मुख्यमंत्री से मांग करूंगा कि इरफान पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा हो

अभय सिंह ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व जिला प्रशासन से मांग करता हूं कि ऐसे शरारती तत्व, जो देश के संविधान कानून को धत्ता बताते हुए झंडा लेकर के घूमते नजर आए हैं, उन्हें चिह्नित कर राष्ट्रद्रोह का केस किया जाए। अन्यथा देशभक्त इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। विधायक इरफान अंसारी ने देवघर में हिंदुओ के आस्था के केंद्र भगवान शंकर की पूजा की थी। विधायक बताएं कि आपने पूजन के पहले संकल्प किस शास्त्र के अनुसार लिया था। क्या आपने देवघर के मंदिर को अपवित्र किया कि नहीं। भगवान शंकर का पूजन किसी भी धर्म के लोग कर सकते हैं, पर उसे पहले अपने धर्म के ग्रंथ को लेकर दुनिया के सामने कसम खाना होगा कि हमने कभी भी हिंदुओं के आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं किया। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो हम सभी लोग भगवान शंकर से गंगाजल डालकर के क्षमा मांगेंगे। हिंदुओं के वोट बैंक की राजनीति अगर आप केवल करेंगे और इस पर अगर आप अपना ध्यान नहीं देंगे या समझा जाएगा कि आपने हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।

साइबर ठगी के विरोध में कभी अभियान चलाया

अभय सिंह ने डा. इरफान अंसारी से सवाल किया है कि आपका विधानसभा क्षेत्र जामताड़ा पूरे देश में साइबर ठगी के लिए चर्चित है। क्या आपने कभी भी अपने विधानसभा क्षेत्र में इसके विरोध में अभियान चलाया है। आपके क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठिया हैं या नहीं। अगर हैं तो इसका विरोध आपने किया है या नहीं। आपके द्वारा जामताड़ा विधानसभा के नारायणपुर प्रखंड का चिरुडीह गांव के दलित परिवार के प्रधानमंत्री आवास पर जबरन कब्जा करके पूरे दलित परिवार समेत गांव से निकलवा दिया और जबरन धर्म परिवर्तन कर प्रतिबंधित मांस खिलाने का प्रयास किया। यह दलित परिवार अनुमंडल कार्यालय के पास 15 दिन तक धरना-प्रदर्शन किया है या नहीं। आप दलित परिवार के बजाय जो मुस्लिम परिवार दलित को प्रताड़ित कर रहा था उसके साथ क्यों खड़े हो गए, क्या यह तुष्टीकरण की राजनीति नहीं है। आपके ऊपर जामताड़ा में दलित उत्पीड़न का केस एससी-एसटी का लगा, लेकिन पुलिस क्यों गिरफ्तार नहीं कर रही है, बताएं। जमशेदपुर के उपायुक्त को मैं पत्र लिखूंगा और उनसे मांग करूंगा कि मैं झारखंड के डोमोसाइल के अंतर्गत आता हूं या नहीं। झारखंड की जनता को जिला प्रशासन स्पष्ट करे। मुझे विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी ने बाहरी बोलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। वह माफी मांगें, अन्यथा उनके विरोध में न्यायालय में जाऊंगा।

Edited By: Rakesh Ranjan