जमशेदपुर, जासं। जब जब इंसानियत और धर्म की रक्षा की बात आएगी बन्ना गुप्ता सबसे पहले खड़ा होगा। ये बातें झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहीं। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पूरे नवरात्र में गोमाता की सेवा करते हुए उन्हें भोजन कराते थे। शारदीय नवरात्र की महानवमी पर भी उन्होंने गोमाता की सेवा की और उन्हें रोटी के साथ मिष्ठान भोजन कराया।

गोमाता की सेवा के बाद उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के कुछ पूजा पंडालों में प्रशासनिक हस्तक्षेप की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोरोना प्रोटोकॉल के साथ लोगो की आस्था और धार्मिक अनुष्ठान विधि विधान के साथ संपन्न हो। श्रद्धालुओं की भावना आहत न हो, इसका ख्याल भी रखा जाए।

डीसी-एसएसपी का बढ़ाया हौसला

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में जब सब अपने घरों में बंद थे, तो यही प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला था। अपनी जान पर खेल कर जमशेदपुरवासियों की जान की रक्षा की थी। जिले के उपायुक्त सूरज कुमार और एसएसपी डा. एम तमिल वणन के नेतृत्व में कोविड काल में सराहनीय कार्य हुआ है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जब लोग मर रहे थे, बेड की कमी थी, ऑक्सीजन की कमी थी तो राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने आगे बढ़कर मानवता की रक्षा की थी। कई मृतकों का अंतिम संस्कार राज्य सरकार के अधिकारियों ने पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ संपन्न कराया है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।

दुर्गापूजा पंडालों में विवाद पर माफी मांगी

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि शहर के कुछ पंडालों में जो विवाद हुआ है, उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं। अधिकारियों को विशेष हिदायत दी है कि धार्मिक भावनाओं का खयाल रखें और पूजा समितियों से भी अनुरोध है कि विवाद समाप्त कर मां की श्रद्धा और भक्ति में लीन होकर दशमी को विसर्जन के लिए तैयार हो।

उन्होंने जमशेदपुर समेत पूरे राज्य की जनता को आश्वस्त कराते हुए कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि जब भी इंसानियत और धर्म की रक्षा की बात होगी बन्ना गुप्ता सबसे पहले खड़ा रहेगा, सभी को जय माता दी।

Edited By: Rakesh Ranjan