यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
थम नहीं रही अफवाहः बच्चा चोर बता युवक को किया अधमरा, ऐसे बचा
बच्चा चोर की आशंका में एक युवक की जमकर पिटाई की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे उग्र भीड़ से बचाया।

संवाद सूत्र, आदित्यपुर। पुलिस-प्रशासन और सामाजिक संगठनों की अपील के बावजूद आदित्यपुर की बेलडीह बस्ती में एक विक्षिप्त बच्चा चोर की आशंका में गंभीर रूप से पीटा गया। समय रहते जानकारी मिलते पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे उग्र भीड़ से बचा लिया। वहीं, देर रात तक बस्ती में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती कर दोषियों की पहचान की जा रही थी।
इससे पहले बेलडीह बस्ती में रविवार देर शाम अनजान युवक को देखकर लोगों ने उसे घेर लिया। उसे पकड़कर लोग पूछताछ करने लगे। इसी बीच भीड़ में शामिल लोगों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। उसके शरीर और चेहरे व अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
इस बीच, किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच युवक को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित निकाला। उसके बाद उसे चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा। पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुन्ना अंसारी बताया। उसने बताया कि उसके पिता का नाम हनीफ अंसारी है। उसका पूरा परिवार रांची में रहता है, जबकि वह कोलकाता में रहता है। वह कोलकाता से होते हुए पुरूलिया से जमशेदपुर पहुंचा। रास्ता भटककर बेलडीह बस्ती पहुंचा।
पलामू में भी बच्चा चोर का आरोप लगा तीन को पीटा
सगालीम (पलामू)। पांकी थाना क्षेत्र के तेतराई बाजार में रविवार को दर्जनभर लोगों ने बच्चा चोर होने का आरोप लगाकर तीन युवकों की जमकर धुनाई कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायल युवकों को इलाज के लिए पांकी अस्पताल भेजा। घायलों में तेतराई पंचायत के बेरु गांव निवासी दस्तगीर आलम, तुफैल आलम व मोहम्मद नवाजिश शामिल हैं।
घायलों ने बताया कि तेतराई निवासी अकबर मियां के साथ कुछ विवाद हुआ था। इसी का बदला लेने को बेरु गांव निवासी मोहम्मद इसरार, मोहम्मद एहतेशाम, मोहम्मद नईम, मंटू, मोहम्मद बच्चू, मोहमद फैजाद, मोहम्मद इबरार आदि लोगों ने तेतराई बाजार में अचानक बच्चा चोर होने का हल्ला कर उनके साथ मारपीट कर दी।
अब तक 32 गिरफ्तार, आइजी बोले-बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बच्चा चोरी की अफवाह में कोल्हान में गुरुवार को सात लोगों की हत्या के बाद शनिवार को जमशेदपुर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। हत्या, आगजनी, पुलिस वाहन पर पथराव व सड़क जाम मामले में पुलिस टीम ने अब तक कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं मानगो में उपद्रव करने वाले 12 असमाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी आइजी आपरेशन आशीष बत्र ने बातचीत में दी।
उन्होंने बताया कि बताया कि राजनगर में चार और बागबेड़ा में तीन की हत्या मामले में किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों के घरों की कुर्की जब्ती भी की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी को अलग-अलग पुलिस टीम छापामारी कर रही है। इस बीच बागबेड़ा में गौतम, विकास व गंगेश हत्या के आरोप में बागबेड़ा पुलिस ने नागाडीह निवासी बबलू पात्रो, गोपाल मुमरू, पेंटर सरदार, अशोक पात्रो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दूसरी ओर राजनगर में चार की हत्या मामले में आरोपी पदमनसाई के धरनी ज्योतिषी उर्फ धरनीधर ज्योतिषी एवं तुड़ुक उर्फ दिनेश महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पटरी पर मानगो, धारा 144 हटी
मानगो में जिंदगी फिर अपने पुराने लय में लौट रही है। यहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इसलिए, जिला प्रशासन ने आजाद नगर, मानगो, उलीडीह और एमजीएम थाना क्षेत्रों से धारा 144 हटा ली है। हालांकि, सभी संवेदनशील स्थलों पर मजिस्टेट और वरीय मजिस्ट्रेट अभी भी तैनात हैं। अभी भी तीन कंपनी अर्ध सैनिक बल के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। न्यू पुरुलिया रोड पर खासी चौकसी बरती जा रही है। न्यू पुरुलिया रोड पर मानगो चौक पर बैरीकेडिंग लगी रही और शाम पांच बजे से इधर बड़े वाहन को नहीं जाने दिया जा रहा था।
शनिवार को हुए बवाल के बाद मानगो में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कर दी गई थी। यहां पुलिस और उपद्रवियों के बीच काफी संघर्ष हुआ था। उपद्रवियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। इसके बाद प्रशासन ने शनिवार की रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक के लिए धारा 144 लगा दी थी। लेकिन, रविवार सुबह जिंदगी पटरी पर आ गई थी। बाजार खुल गए थे। दुकानें खुल गई थीं। इससे हालात सामान्य हो गए। उपायुक्त अमित कुमार ने रविवार को हालात पर बराबर नजर रखी।
उन्होंने एसएसपी से फोन पर शहर के हालात जाने। एसडीओ धालभूम मनोज कुमार रंजन ने शहर में घूम कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने मानगो, आजादनगर, जवाहर नगर, धतकीडीह आदि क्षेत्र में जाकर वहां तैनात मजिस्ट्रेट से इलाके के हालात की जानकारी ली। मजिस्ट्रेटों ने एसडीओ को बताया कि कहीं किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी है। एसडीओ ने बताया कि शहर के हालात सामान्य हो गए हैं। इसलिए धारा 144 की अब जरूरत नहीं है।
