जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : 23 बैंक व कई निजी बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता पहली नवंबर, 2017 से लंबित है। इससे नाराज बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले बिष्टुपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार व इंडियन बैंक एसोसिएशन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

23 सरकारी व निजी बैंक कर्मचारियों के इस प्रदर्शन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के जिला संयोजक कामरेड आरबी सहाय, सह संयोजक हीरा अरकने, झारखंड प्रदेश बैंक इम्प्लाईज एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन आरए सिंह व उपाध्यक्ष केके सहाय, महिला सेल की संयोजिका श्वेता कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के नकारात्मक रवैए, वेतन बढ़ोतरी में देरी करने, एनपीएस को खत्म कर पुराने पेंशन स्कीम को लागू करने, अधिकारियों के लिए काम के घंटे निश्चित करने, दैनिक वेतनभोगी व ठेकाकर्मियों को समान काम का समान वेतन देने, सेवानिवृत्त के बाद मिलने वाले लाभ को आयकर से मुक्त रखने सहित कई मांगों पर नारेबाजी हुई।

इस दौरान नेतृत्वकर्ताओं ने बैंक एसोसिएशन व सरकार की नीतियों की जानकारी सभी सदस्यों को दी। यूनियन नेतृत्व ने घोषणा की है कि यदि एसोसिएशन उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे प्रथम चरण में 31 जनवरी व एक फरवरी को दो दिवसीय हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो 11 से 13 मार्च को तीन दिवसीय हड़ताल किया जाएगा। इसके बाद एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। वेतन में हो 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी

कामरेड हीरा अरकने ने बताया कि वेतन समझौता वार्ता पर बैंक एसोसिएशन जानबूझ कर विलंब कर रहा है। वार्ता शुरू होने से पहले एसोसिएशन ने कर्मचारियों के वेतन में दो फीसद बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। यूनियन से वार्ता के बाद यह बढ़कर 12 फीसद हुआ। लेकिन बढ़ते विरोध के बाद इसमें फिर 0.25 फीसद बढ़ाते हुए 12.25 फीसदी किया गया है। लेकिन यूनियन वेतन में 20 फीसदी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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