जमशेदपुर : योग विज्ञान का एक आसन है क्रेन पोज योग जिसे बकासन भी कहते हैं। बकासन दो शब्दों से मिलकर बना है। एक बक का मतलब होता है बगुला तथा दूसरे शब्द आसन का मतलब होता है बैठना। इसका शाब्दिक अर्थ है बगुले की तरह बैठना। इस संबंध में जमशेदपुर की योग गुरु श्वेता पाठक आज बता रही हैं क्रेन पोज योग करने से फायदे, करने की विधि और सावधानियां।

क्या है क्रेन पोज योग

प्रचान काल से ही बगुले को खुशहाली का प्रतिक माना जाता है। इस आसन के अभ्यास से तीनों ही प्रमुख गुण आपकी पर्सनैलिटी का हिस्सा बनने लगते हैं। योग गुरू श्वेता पाठक कहती हैं कि इस आसन को पूरे विश्वास से करने में थोड़ा समय लगता है। लेकिन एक बार जब आप इसके अभ्यस्त हो जाएंगे तो यही आसन आपको अच्छा लगने लगेगा। यह आसन आसान जिंदगी जीने के प्रति आपका नजरिया को बदल देगा।

क्रेन पोज योग करने के फायदे

क्रेन पोज योग बेसिक लेवल की कठिनाइंयों वाला हठ योग आसन है। इसे एक बार में अधिकतम 30 से 60 सेकेंड तक ही करना चाहिए। इसे करने से पीठ के उपरी हिस्से को स्ट्रेच मिलता है। जबकि आर्म्स, पेट का निचला हिस्सा और कलाइंयां मजबूत होती है। इस आसन को करने के लिए मजबूत कोर मसल्स बेस तैयार करती है।

मजबूत कोर मसल्स ही आपको अपने घुटनों को जमीन से उठाने और अपर आर्म्स के पास लाने की ताकत देती है। इसके लगातार अभ्यास से शरीर इतना हल्का होने लगता है कि पूरे शरीर का वजन झेलने की ताकत कलाइयों में आ जाती है।

क्रेन पोज योगा के फायदे

  • यह आपकी कलाइयों और हाथों को मजबूत बनाता है।
  • रीढ़ की हड्डी टोंड और मजबूत बनती है।
  • अपर बैक को अच्छा स्ट्रेच मिलता है।
  • इस आसन से आपके शरीर का बैलेंस और फोकस सुधरता है।
  • आपका दिमाग और शरीर चुनौतिययों के लिए तैयार होने लगता है।
  • पेट की निचली मांसपेशियां मजबूत होती है और पाचन क्रिया में सुधार आता है।
  • जांघ की भीतरी मांसपेशियां मजबूत होने लगती है।
  • प्रतिदिन अभ्यास करने पर आप मजबूत और आत्मविश्वास से भरपूर महसूस करेंगे।

क्रेन पोज योग करने का सही तरीका

क्रेन पोज योग करने की शुरूआत में आपको अपने हिप्स को उंचा उठाते समय एड़ी से दूर रखना होगा। लेकिन आसन करते समय एड़ियों और हिप्स को पास ही रखना होगा। जब आप पैरों को फर्श से उठाने के लिए तैयार हो रहे हों, उस समय हाथों के उपरी हिस्से को पिंडली पर दबाना होगा। जबकि ग्रोइन को पेल्विस में दबाना होगा ताकि आप आसानी से खुद को उठा सकें।

सामान्य तौर पर क्रेन पोज योग की शुरूआत पर्वतासन से करें। इसके पश्चात अपने दोनों पैरों को करीब लाएं और हाथों को जमीन पर लगाएं। ध्यान रहे कि आपके दोनों हाथ कंधे की चौड़ाई के बराबर ही जमीन पर लगे हों।

अब अपने हिप्स को उपर की तरफ उठाएं। टेंशन कोर मसल्स में होगी क्योंकि घुटने अपन ट्राइसेप्स के करीब आ रहे हैं। क्रेन पोज योग के लिए कुहनी को थोड़ा मोड़ें ताकि घुटने अपर आर्म्स पर टिक सकें। सामने की तरफ देखें और अपने पैरों को धीरे से फर्श से उठाएं, शरीर का वजन धीरे-धीरे हाथें पर लाएं। इस मुद्रा में कुछ सेकेंड तक रहें।

Edited By: Jitendra Singh