मुसाबनी (पूर्वी सिंहभूम), जेएनएन। इसे कहते हैं समय। जन्म और मृत्यु कभी भी, कही भी हो सकता है। इसका नमूना पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी-सुरदा मुख्य पथ पर सोहदा बस्ती में उस वक्त देखने को मिला जब एक महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया।

एक महिला मुसाबनी के बादिया से अपनी बीमार मां को देखने के लिए मोटरसाइकिल से टाटा जा रही थी। जैसे हीं महिला सुरदा ट्रेनिंग सेंटर के पास पहुंची, वह प्रसव पीड़ा से कराह उठी। बेनाशोल पंचायत की मुखिया शुक्रमणि हेंब्रम की मदद से आसपास की महिलाओं ने पर्दा के लिए साड़ी से घेरा बना लिया। महिला की कराह सुनकर आसपास की और भी महिलाएं दौड़ पड़ी और सुरक्षित घेरा बना लिया। महिलाओं ने आवश्यक सहायता मुहैया कराई। महिला ने सड़क पर ही बच्ची को जन्म दिया। 

एंबुलेंस आने में हुई देरी

इससे पूर्व मुखिया द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फोन कर 108 एंबुलेंस की मांग की गई थी। एंबुलेंस आने से पूर्व ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। एंबुलेंस आने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां दोनों स्वस्थ हैं। बच्चा जनने वाली महिला जमशेदपुर की रहने वाली है। विगत दो माह से बादिया में किसी यूसुफ नामक व्यक्ति के घर में भाड़ा लेकर रही थी। महिला के तीन बच्चे पहले से ही हैं। वह अपनी बीमार मां को देखने के लिए जमशेदपुर जा रही थी। महिला के पति भी जमशेदपुर में मजदूरी करता है।

 

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Posted By: Rakesh Ranjan

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