विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमशेदपुर में गरजे बाबूलाल मरांडी: JSSC-CGL मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की हो स्वतंत्र जांच

By Ch Venkatesh RaoEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Sun, 20 Sep 2026 12:57 PM (IST)

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

HighLights

  1. बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL परीक्षा पर सरकार को घेरा।

  2. वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र CBI जांच की मांग।

  3. प्रशांत कुमार, सुधीर गुप्ता, मनोज कौशिक को हटाने की मांग।

जासं, जमशेदपुर। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 

 
जमशेदपुर परिसदन में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मरांडी ने हाईकोर्ट में सरकार की ओर से दाखिल हालिया जवाबी हलफनामे का हवाला दिया। 
 
उन्होंने कहा कि यदि सरकार अब पूरी परीक्षा प्रक्रिया को अनियमितताओं से प्रभावित मान रही है, तो सवाल उठता है कि पहले अदालत के समक्ष क्या तथ्य रखे गए थे।
 
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार के शुरुआती दावों और अब हाईकोर्ट में पेश किए गए पक्ष में बड़ा विरोधाभास नजर आ रहा है। उन्होंने CID की पिछली जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां हुई थीं, तो वे पूर्व की जांच में सामने क्यों नहीं आईं?
 
नेता प्रतिपक्ष ने मामले की स्वतंत्र समीक्षा और CBI जांच की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि जांच केवल निचले स्तर के आरोपितों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। 
 
बल्कि भर्ती प्रक्रिया के संचालन व निगरानी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस क्रम में उन्होंने सुधीर गुप्ता, अनुराग गुप्ता, प्रशांत कुमार और CID ADG मनोज कौशिक की भूमिका की जांच कराने पर जोर दिया।
 
मरांडी ने JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार, सचिव सुधीर गुप्ता और CID ADG मनोज कौशिक को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की। 
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
 
गौरतलब है कि अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर लगाए गए ये आरोप राजनीतिक हैं और अभी तक न्यायालय द्वारा स्थापित तथ्य नहीं हैं। JSSC-CGL भर्ती परीक्षा का यह मामला वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होनी तय है।