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'देश छोड़ दूंगा...', भारत को ओलंपिक कोटा दिलाने वाले कोच हुए आगबबूला, सैलरी न मिलने पर दी खुली धमकी

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:10 PM (IST)

कंपाउंड तीरंदाजी के मुख्य कोच डेव कजिंस ने तीन महीने से वेतन न मिलने पर देश छोड़ने की चेतावनी दी ...और पढ़ें

भारत को ओलंपिक कोटा दिलाने वाले कोच हुए आगबबूला, सैलरी न मिलने पर दी खुली धमकी

भारत को ओलंपिक कोटा दिलाने वाले कोच हुए आगबबूला, सैलरी न मिलने पर दी खुली धमकी

HighLights

  1. कोच डेव कजिंस ने वेतन न मिलने पर देश छोड़ने की चेतावनी दी।

  2. उन्होंने एशियाई खेलों में भारत को ऐतिहासिक ओलंपिक कोटा दिलाया था।

  3. खेल मंत्रालय ने 48 घंटे में बकाया भुगतान का आश्वासन दिया है।

जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। आइची-नागोया एशियाई खेलों में देश को कंपाउंड तीरंदाजी का पहला ऐतिहासिक ओलंपिक कोटा दिलाने वाले विदेशी मुख्य कोच डेव कजिंस ने तीन महीने से वेतन न मिलने पर पद छोड़कर स्वदेश लौटने की दो-टूक चेतावनी दी है।

पदकों की चमक के बीच विदेशी कोच की इस नाराजगी ने भारतीय खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय संघ ने मामले में लीपापोती करते हुए तकनीकी खामी को वजह बताया है और 48 घंटे के भीतर बकाये के भुगतान का दावा किया है।

निशाने पर पदक, पर जेब खाली

मई 2026 में भारतीय कंपाउंड टीम की कमान संभालने वाले 49 वर्षीय अमेरिकी दिग्गज डेव कजिंस के मार्गदर्शन में भारत ने एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण और एक कांस्य सहित कुल चार पदक जीतकर इतिहास रचा।

सबसे बड़ा उलटफेर साहिल जाधव और चिकीता तानीपार्थी की युवा जोड़ी ने किया, जिन्होंने फाइनल के रोमांचक शूट-आफ में दक्षिण कोरिया को पराजित कर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का पहला कोटा सुनिश्चित किया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बावजूद कजिंस को पिछले तीन महीने से पारिश्रमिक नहीं दिया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने अधिकारियों को साफ कह दिया कि यदि बकाया नहीं मिला तो वे भारत में नहीं रुकेंगे।

तकनीकी खामी का हवाला, जल्द भुगतान का वादा

विवाद गहराने के बाद भारतीय तीरंदाजी संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. जोरिस पौलोस उम्माचेरिल और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने सफाई दी है।

अधिकारियों का कहना है कि बैंक स्तर पर तकनीकी दिक्कत के चलते मानदेय जारी करने में विलंब हुआ। यह अड़चन अब दूर कर ली गई है और अगले दो दिनों के भीतर उनका पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।

पूर्व विश्व नंबर एक तीरंदाज कजिंस का यह अल्टीमेटम ऐसे समय आया है, जब भारत लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए अपना मजबूत ढांचा तैयार कर रहा है।

संघ रिकर्व वर्ग के लिए दक्षिण कोरियाई कोच पार्क चे-सून को भी जोड़ने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शीर्ष विदेशी कोचों के साथ ऐसा प्रशासनिक रवैया रहा, तो ओलंपिक के ऐतिहासिक मिशन की लय पटरी से उतर सकती है।