पोटका, जागरण संवाददाता। दक्षिण- पूर्व रेलवे चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन में नई रेलवे साइडिंग का निरीक्षण करने दक्षिण - पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक अर्चना जोशी पहुंचीं। इस दौरान स्टेशन में साइडिंग, प्लेटफार्म आदि का निरीक्षण के दौरान इन्होंने नए हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम विजय कुमार साहू उपस्थित रहे। कार्य के प्रति खामियों एवं कार्य को जल्द पूर्ण करने का उन्होंने निर्देश दिया। इस क्रम में कुम्हार पाड़ा रेलवे फाटक एवं गिरी भारती हाई स्कूल के समीप बने रेलवे फाटक को पुनः बहाल करने की मांग स्थानीय लोगों द्वारा की गई। इसको लेकर महाप्रबंधक को पत्र सौंपा गया।

बता दें कि हल्दीपोखर नई रेलवे साइडिंग का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। दक्षिण पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक अर्चना जोशी हल्दीपोखर स्टेशन पहुंची और सबसे पहले फीता काटकर स्टेशन का उद्घाटन किया। 1910 में हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन की शुरुआत की गई थी  जिसमें एक लोकल ट्रेन टाटा- बादाम पहाड़ चलती थी जो आज भी चल रही है ।  पिछले 5 साल पहले हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन को चक्रधरपुर रेलवे मंडल द्वारा हटा दिया गया था, मगर जमशेदपुर स्टेशन में रेल की बढ़ती संख्या को देखते हुए तथा उड़ीसा में कई माइल्स खुले हैं। इसके मद्देनजर रेलवे द्वारा 70 किलोमीटर इस रूट को इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर लिया गया है ।

महाप्रबंधक ने बात करने के क्रम में कहा कि आगे जैसे-जैसे जरूरत बढ़ती जाएगी आगे स्टेशन को और बढ़ाया जाएगा। रुंगटा माइन्स द्वारा आयरन ओर का टेंडर मिला है। इसको लेकर रेलवे द्वारा उन्हें साइडिंग के लिए लाइन दिया जा रहा है। बंद रेलवे फाटक को चालू करने को लेकर कुम्हार पाड़ा के रतन सोनकर, अजय सिंह मुखिया सुनील मुंडा, विशाल गुप्ता आदि द्वारा मांग पत्र सौंपा गया। वही गिरी भारती हाई स्कूल के समीप पुराने फाटक को चालू करने की मांग को लेकर शंकर चंद्र गोप के नेतृत्व में सुनील कुमार दे, शैलेंद्र प्रामाणिक आदि द्वारा मांग पत्र दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को मांग पत्र सौंपा गया है । स्थानीय लोगों की शिकायत की थी रेलवे फाटक बंद करने से पहले एक रास्ता दिया जाना चाहिए था , मगर बिना रास्ता दिए ही फाटक को बंद कर दिया गया।  जो रास्ते बने हैं वह काफी घटिया किस्म के बने हैं। इस वजह से  लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । महाप्रबंधक अर्चना जोशी ने तत्काल ठेकेदार को रास्ते को दुरुस्त करने एवं वर्तमान में बने नए फाटक को यथावत रखने की बात कहीं गई

Edited By: Rakesh Ranjan